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रांची में नशीले पदार्थों की सप्लाई करनेवाले गिरोह ने अपना जाल फैलाया, पुलिस ने गिरोह के 6 तस्कर पकड़े

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द फॉलोअप टीम, रांची 
नशे की लत से राजधानी रांची जूझ रही है। शहर में नशीले पदार्थों की सप्लाई करनेवाले गिरोह ने अपना जाल फैला रखा है। इन दिनों रांची के शहरी इलाकों में सक्रिय गिरोह के कारण ब्राउन शुगर व गांजा आसानी से उपलब्ध है। शुक्रवार की रात पुलिस ने राजधानी में हेरोइन, ब्राउन शुगर व गांजा जैसे नशीले पदार्थों की सप्लाई करनेवाले गिरोह के 6 तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्करों के पास 50 हजार रुपए से ज्यादा कीमत के नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं। 

बरियातू पहाड़ी से शमीम धराया
इस संबंध में सिटी एसपी सौरभ ने बताया कि सूचना मिली थी कि बरियातू पहाड़ी के समीप शमीम हीरोइन व ब्राउन शुगर सप्लाई करने गया है। पुलिस वहां पहुंची और शमीम की तलाशी ली, तो उसके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। पूछताछ में शमीम ने गिरोह के अन्य सदस्यों का भी नाम बताया, इसके बाद अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 6 युवकों को गिरफ्तार किया गया।

बंटी है गिरोह का सरगना 
गिरफ्तार आरोपियों में शमीम के अलावा लालपुर चौक निवासी सजाद अंसारी उर्फ बाटला, पथलकुदवा निवासी शारिक, काली बाबू स्ट्रीट निवासी अश्विनी प्रसाद गुप्ता उर्फ सीबू, लालपुर में काली टावर के पास रहनेवाला रेहान उर्फ सोनू व हेसल निवासी विपुल कुमार शामिल है। शमीम ने पूछताछ में बताया है कि गिरोह का सरगना बंटी है। उसी के इशारे पर पूरे हेरोइन-ब्राउन शुगर समेत अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती थी। बंटी चडरी का रहने वाला है। पुलिस उसकी तलाश में छापामारी कर रही है।

बंटी फोन पर सौदा तय करता था 
बंटी फोन पर हेरोइन का सौदा तय करता था, उसके बाद एडवांस लेकर गिरोह के सदस्यों से संबंधित व्यक्ति तक भेजवाता था। वह अक्सर पुलिस से पकड़े जाने से डरा रहता था। यही वजह है कि कहां से उसके पास नशीला पदार्थ पहुंचता था, यह गिरोह के सदस्यों को नहीं बताता था। माल सप्लाई होने के बाद गिरोह के सदस्यों को पैसा देता था।

बंटी मुफ्त में लाइटर देता था
पुलिस ने हेरोइन, ब्राउन शुगर व गांजे को तौलने के लिए इस्तेमाल किए जानेवाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी बरामद किया है। प्लास्टिक को सील की मशीन भी आरोपियों से मिली है। काफी संख्या में लाइटर व चिलम भी मिले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ज्यादा मात्रा में गांजा लेनेवालों को बंटी मुफ्त में लाइटर देता था।

युवकों को नशे का आदी बनाया
गिरफ्तार तस्कर 16 से 25 वर्ष के युवकों को अपने जाल में फांसकर उन्हें नशे की लत लगवाते थे। शुरू में अगर कोई थोड़ा कम पैसा भी देता था, तो उसे हेरोइन-ब्राउन शुगर देते थे, ताकि वह नशे का आदी हो सके। लत लगने के बाद ऊंचे दामों में नशीला पदार्थ पहुंचाया जाता था। छोटे-मोटे रोजगार करनेवाले ही इन लोगों के निशाने पर होते थे, ताकि आसानी से मोटी रकम वसूली जा सके। किस तरह के युवकों को नशीला पदार्थ मुहैया कराना है, यह गिरोह का सरगना ही तय करता था। अब पुलिस को बंटी की तलाश है।