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महाराष्ट्र : उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को शिवसेना से निकाला, महाराष्ट्र में नहीं थमा है सियासी ड्रामा

उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को शिवसेना से निकाला, महाराष्ट्र में नहीं थमा है सियासी ड्रामा

डेस्क: 

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पार्टी संगठन में शिवसेना नेता के पद से हटा दिया है। पार्टी द्वारा जारी एक पत्र में शनिवार को कहा गया है कि एकनाथ शिंदे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। वहीं, एकनाथ शिंदे का दावा है कि वही असली शिवसेना हैं क्योंकि ठाकरे खेमा अल्पमत में आ चुका है। गौरतलब है कि 10 दिन तक चले सियासी ड्रामे के बाद महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बागी गुट ने मिलकर सरकार बना ली। 

शिवसेना द्वारा जारी पत्र में क्या लिखा है! 
शनिवार को उद्धव ठाकरे द्वारा हस्ताक्षर किए गये पत्र में कहा गया है कि शिवसेना पक्ष प्रमुख के रूप में मुझे मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं आपको पार्टी संगठन में शिवसेना नेता के पद से हटाता हूं। इससे पहले एक वीडियो संदेश में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि एकनाथ शिंदे शिवसेना के मुख्यमंत्री नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी को किनारे रखकर कोई शिवसेना नहीं हो सकती।

उद्धव ठाकरे ने कहा था कि जिस तरह से ये सरकार बनी और जिन्होंने ये सरकार बनाई। उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी ने तथाकथित शिवसैनिक को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बना दिया है। ये गलत है। 

उद्धव ठाकरे ने अमित शाह पर क्या तंज कसा! 
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद यदि गृहमंत्री अमित शाह अपने वादे से नहीं पलटते। ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री बनता तो किसी महाविकास अघाड़ी बनाने की नौबत ही नहीं आती। भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री ढाई साल बाद सम्मान के साथ मुख्यमंत्री बनता, लेकिन बीजेपी ने वादाखिलाफी की।

 

30 मई को बीजेपी ने दोबारा बना ली सरकार
गौरतलब है कि 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था लेकिन ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के सवाल पर गठबंधन टूट गया। बाद में शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर सरकार बना ली। अभी 21 मई को शिवसेना के तकरीबन 40 विधायक एकनाथ शिंदे की अगुवाई में बागी हो गये और पहले सूरत और फिर गुवाहाटी चले गये।

इस बीच बयानबाजियां चलती रहीं। रूठना-मनाना चलता रहा।

आखिरकार 30 मई को बीजेपी ने बागी शिवसेना विधायकों तथा निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर सरकार बना ली। हालांकि, सीएम एकनाथ शिंदे बने।