द फॉलोअप डेस्क:
तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि ईवीएम मशीन में गड़बड़ी नहीं की जा सकती, लेकिन बीजेपी ने चुनाव आयोग के सहयोग से मतगणना केंद्र पर ईवीएम ही बदल दिया। उन्होंने दावा किया कि मेदिनीपुर समेत कई जगहों से खबरें आई कि जब मतगणना टेबल पर ईवीएम रखा गया तो उसकी क्रम संख्या मैच नहीं कर रही थी। अभिषेक बनर्जी ने कहा रिटर्निंग ऑफिसर को बकायदा चिट्ठी लिखकर इस बात से अवगत कराया गया था। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि टीएमसी के काउंटिंग एजेंट्स को 2 बजे ही मतगणना केंद्र से हटा दिया गया। उनको मारपीट कर भगा दिया गया था। इसके बाद जमकर धांधली की गई।
VIDEO | West Bengal Polls: TMC MP Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) suspects replacements of EVMs, looting of votes.#WestBengal #WestBengalPolls pic.twitter.com/PJa1jbhjn1
— Press Trust of India (@PTI_News) May 5, 2026
अभिषेक बनर्जी ने जबर्दस्ती का लगाया आरोप
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि दिन के 2 बजे तक जहां 15 राउंड तक गिनती हो जानी चाहिए थी, वहां महज 3 या 4 राउंड ही गिनती हुई। अधिकांश मतगणना केंद्रों में अभी 15 से 20 राउंड की गिनती बाकी थी। केवल 30 फीसदी मतों की गिनती ही हुई थी, और मीडिया की सहायता से भारतीय जनता पार्टी को जीतता हुआ दिखा दिया गया था। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सवाल उठाता भी तो कौन? ऑब्जर्वर और माइक्रो ऑब्जर्वर केंद्र सरकार का था। रिटर्निंग ऑफिसर चुनाव आयोग का था। राज्य सरकार के कर्मचारियों को काम नहीं सौंपा गया। मतगणना केंद्रों की सुरक्षा में अर्धसैनिक बल के जवानों को लगाया गया था।

तृणमूल सांसद ने वोट चोरी का लगाया आरोप
तृणमूल सांसद ने कहा कि बीजेपी और टीएमसी के बीच मतों का अंतर 32 लाख है। अब आप देखिए कि 30 लाख लोगों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था। 7 लाख नये मतदाताओं को जोड़ा गया और मतगणना में करीब 15 लाख मतों की गड़बड़ी की गई। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह जोर-जबर्दस्ती से हासिल की गई जीत है। यदि बीजेपी को जनता की ताकत पर ही यकीन था तो फिर क्यों नहीं सभी लोगों को मतदान का अधिकार दिया गया। क्यों, मतगणना केंद्रों से टीएमसी के एजेंट्स को हटाया गया।