logo

कोलकाता : TMC सांसद ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, कहा- महिला के नेतृत्व वाले राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध शर्म की बात

TMC सांसद ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, कहा- महिला के नेतृत्व वाले राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध शर्म की बात

कोलकाता: 

पश्चिम बंगाल के नादिया जिला स्थित हंसखाली में नाबालिग के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में ममता बनर्जी सरकार चौतरफा आलोचना का सामना कर रही है। ना केवल विपक्ष बल्कि, सत्ता पक्ष के लोग भी घटना को शर्मनाक बता रहे हैं। इसी सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत राय ने अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिस राज्य का नेतृत्व एक महिला कर रही हो, वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध की एक भी घटना हमारे लिए काफी शर्म की बात है। कार्रवाई होनी चाहिये। 

बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी की प्रतिक्रिया
सौगत रॉय के इस बयान पर अब बंगाल में बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने प्रतिक्रिया दी। कहा कि सौगत रॉय के इस बयान के लिए मैं उनका सम्मान करती हूं। हम (बीजेपी) भी ठीक यही कह रहे थे। लॉकेट चटर्जी ने कहा कि टीएमसी के अन्य सदस्यों को भी आगे आकर सच बोलना चाहिये। गौरतलब है कि नादिया जिले के हंसखाली में एक नाबालिग का कथित तौर पर गैंगरेप किया गया। गैंगरेप की वजह से पीड़िता की हालत बिगड़ गई। आरोप है कि जब पीड़िता की मौत हो गई तो आरोपियों ने परिजनों को डरा-धमकाकर जबरन शव को अपने कब्जे में लिया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। 

टीएमसी नेता पर लगा गैंगरेप-हत्या का आरोप
घटना को लेकर बंगाल में काफी तनाव है। गैंगरेप और हत्या का आरोप एक टीएमसी नेता के बेटे पर लगा है। कहा जाता है कि पीड़िता, इसी टीएमसी नेता के बेटे की दोस्त थी। आरोपी ने पीड़िता को बर्थडे पार्टी में बुलाया था और वहां कथित तौर पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर पीड़िता का रेप किया। घटना को अंजाम देने के बाद 2 युवकों ने पीड़िता को घर भेज दिया जहां उसने सिर दर्द की शिकायत की। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि सुबह उनकी बेटी की हालत बिगड़ गई। उसे लगातार ब्लिडिंग हो रही थी। 

ममता बनर्जी के बयान की क्यों हुई आलोचना
घटना को लेकर ममता बनर्जी के बयान की भी काफी आलोचना हुई। उन्होंने कहा कि, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पीड़िता के साथ गलत हुआ लेकिन आरोपी उसका दोस्त था। पीड़िता उस दोस्त के बुलाने पर ही रात में आरोपी के घर गई थी। ममता बनर्जी के इस बयान ने उस बहस को छेड़ दिया जिसमें दुष्कर्म की घटनाओं के लिए पीड़िता के कपड़ों, लड़कों से उसकी दोस्ती और रात में अकेले कहीं जाने को जिम्मेदार ठहराया जाता है। सत्ता पक्ष के लोगों ने भी इस बयान से असहमति जताई है।

पश्चिम बंगाल पुलिस की जांच में मिली खामियां
कोलकाता हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया। पश्चिम बंगाल पुलिस की जांच में कई खामियां पाई गई, इसलिए सीबीआई को जांच की जिम्मेदारी दी गई। शुक्रवार की दोपहर सीबीआई की टीम सीएफएसएल के साथ आरोपियों में से एक प्रभाकर पोद्दार के घऱ पहुंची। कहा जा रहा है कि सीबीआई ने यहां से कुछ अहम सबूत जुटाए हैं। विपक्ष लगातार दोषियों को विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।