आसनसोल
पश्चिम बंगाल के आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र के रेलपार (जहांगीरी मोहल्ला) पुलिस आउटपोस्ट पर हुई तोड़फोड़ और उपद्रव के मामले को राज्य सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर में आयोजित अपनी पहली प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उपद्रवियों को कड़ा और सीधा संदेश दिया मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या कानून के रक्षकों पर हमला करना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निजी संपत्ति से होगी नुकसान की वसूली
उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब बंगाल में भी 'योगी मॉडल' देखने को मिलेगा। एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि रेलपार हिंसा में हुए नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई किसी सरकारी कोष या टैक्सपेयर्स के पैसे से नहीं होगी। इसके बजाय, दंगाइयों और चिन्हित आरोपियों की निजी संपत्ति को कुर्क करके इस नुकसान की वसूली की जाएगी।

अब तक 15 गिरफ्तार
प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस इस मामले में बेहद कड़ाई से पेश आ रही है। कार्रवाई तेज करते हुए अब तक 15 दंगाइयों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दूसरी ओर, स्थिति को संभालने के लिए आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस कमिश्नर (सीपी) डॉ. प्रणव कुमार खुद भारी संख्या में पुलिस बल के साथ प्रभावित रेलपार इलाके में मुस्तैद हैं। उन्होंने क्षेत्र का दौरा करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि प्रभावित इलाके में स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल लगातार फ्लैग मार्च कर रही है। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और स्थानीय वीडियो के जरिए अन्य उपद्रवियों की शिनाख्त की जा रही है। घटना के बाद से फरार चल रहे अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस सख्त रुख से साफ है कि बंगाल में उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।