द फॉलोअप डेस्क:
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में शिक्षा मध्यवर्ग की पहुंच से दूर जा चुका है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने यह दावा किया है कि केंद्र की मोदी सरकार का शिक्षा बजट जितना है, उतना ही पैसा प्रतिवर्ष एक नीट परीक्षा में छात्र और उनके अभिभावक सरकार को देते हैं। राहुल गांधी ने एक आंकड़ा पेश किया जिसमें दावा किया है कि नीट परीक्षा में सरकार को प्रतिवर्ष 1.32 लाख करोड़ रुपया मिलता है, जबकि देश का सालाना शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि मध्यवर्ग और गरीबों के लिए यह अफोर्ड करना मुश्किल है।
हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया गया है।
— Sukhdeo Bhagat (@sukhdeobhagat) July 22, 2026
⦿ 152 पेपर लीक हुए
⦿ 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए
⦿ किसी एक को भी सजा नहीं मिली
यही कारण है कि देश के लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी। pic.twitter.com/FDaH1zJEbu
शिक्षा व्यवस्था ने मध्यवर्ग का अपमान किया
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार पूरे देश से टैक्स लेती है, जीएसटी, इनकम टैक्स इसमें शामिल है, लेकिन कहती है कि ये जो पूरा टैक्स हमने आपसे लिया है, उसका 1.4 लाख करोड़ रुपये शिक्षा के लिए खर्च करेंगे। इसके बाद शिक्षा व्यवस्था नागरिकों से कहती है कि हम आपसे 1.32 लाख करोड़ रुपये नीट परीक्षा के लिए वसूल करेंगे। उन्होंने इसे छात्रों और उनके घरवालों का अपमान बताया है। इसे मध्यवर्ग का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि यह अमीर लोगों की समस्या नहीं है।

राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित किया
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब पीएम आवास के बाहर से मुझे घसीटा जा रहा था तो ऐसा करने वाले पुलिसवाले ही कान में कह रहे थे कि सर, इस सरकार को हटाइये! उन्होंने कहा कि कोई पुलिसवाला हरियाणा से था तो कोई राजस्थान से, लेकिन उनकी भी भावना ऐसी थी कि इस सरकार को जाना चाहिए। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया और इसके बाद आज मीडिया को संबोधित किया है।