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श्रीनगर : कश्मीरी पंडित की हत्या से आक्रोशित हुए लोग, कहा- तबादला करो नहीं तो देंगे सामूहिक इस्तीफा

कश्मीरी पंडित की हत्या से आक्रोशित हुए लोग, कहा- तबादला करो नहीं तो देंगे सामूहिक इस्तीफा

श्रीनगर: 

गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम में कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कश्मीरी पंडितों ने बारामुला-श्रीनगर हाइवे और जम्मू-श्रीनगर हाइवे को जाम कर दिया। कश्मीर पंडित सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इस दौरान कश्मीरी पंडितों ने केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के खिलाफ भी नारेबाजी की। कहा कि केंद्र हो या राज्य सरकार,कोई हमें सुरक्षा नहीं दे सका। 

2010 में क्लर्क के पद पर की गई थी नियुक्ति
गौरतलब है कि राहुल भट्ट को कश्मीरी पंडितों समुदाय के प्रवासियों के लिए विशेष रोजगार पैकेज के तहत 2010-11 में नौकरी मिली थी। वो क्लर्क के पद पर तैनात थे। उनका कार्यालय चाडूरा तहसील में था। आतंकवादियों ने गुरुवार को कार्यालय में घुसकर राहुल भट्ट को गोली मार दी। सहकर्मी आनन-फानन में घायल राहुल भट्ट को लेकर पास के अस्पताल भागे लेकिन वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कश्मीरी पंडितों को गुस्सा भड़क उठा। 

 

दिवंगत राहुल भट्ट की पत्नी ने पूछा ये सवाल
सुरक्षा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडितों में शामिल राहुल भट्ट की पत्नी ने कहा कि हमें बली का बकरा बनाया जा रहा है। आतंकवादी कश्मीरी पंडितों को टार्गेट करके गोली मार रहे हैं। कोई सुरक्षित नहीं है। वहीं राहुल भट्ट के पिता ने कहा कि वो जम्मू घाटी में तबादले का प्रयास कर रहा था। कई आवेदन दिए लेकिन जिला प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी कार्यालय में भी कश्मीरी पंडित सुरक्षित नहीं हैं तो कहां होंगे। 

घाटी से जम्मू में तबादला किए जाने की मांग
इस बीच कश्मीरी पंडितों ने सरकार से सुरक्षा की मांग की है। सरकारी नौकरी कर रहे कश्मीरी पंडितों की ये भी मांग है कि उनका तबादला घाटी से जम्मू में किया जाये। उनका मानना है कि वे लोग जम्मू में सुरक्षित हैं। गौरतलब है कि ये पहला मामला नहीं है जब कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया गया है। अभी कुछ महीने पहले ही आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों पर हमला किया था। प्रवासी कामगारों को भी निशाना बनाया गया था। सुरक्षाबलों का मानना है कि ये घाटी को अस्थिर करने की साजिश है।