डेस्क:
फैक्टचेकर और ऑल्ट न्यूज़(Alt news) के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर(Mohammad zubair) को सुप्रीम कोर्ट(supreme court) से उत्तर प्रदेश(Uttar pradesh) में दर्ज सभी छह मामलों में अंतरिम ज़मानत(Interim bail) मिल गई है। जस्टिस चंद्रचूड़(justice DY chandrachud) की अध्यक्षता में बेंच ने मोहम्मद ज़ुबैर को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को आज शाम छह बजे तक ज़ुबैर को रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह अच्छा होगा कि मामले में दर्ज़ सभी FIR को एक साथ लाकर एक एजेंसी से जाँच कराई जाए। कोर्ट ने कहा कि अगर बाद में और भी FIR दर्ज होती है तो उनकी जाँच भी साथ में होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने जताई हैरानी, कहा -किसी के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई कैसे की जा सकती है
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर FIR में हमने बेल मंज़ूर कर दी है। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि मोहम्मद ज़ुबैर से कहा जाए वो ट्वीट ना करें। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि एक पत्रकार को लिखने से कैसे रोका जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवाज़ उठाने के लिए किसी के ख़िलाफ़ अग्रिम कार्रवाई कैसे की जा सकती है?

जुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा- ट्वीट देखिये, इसमें उकसाने वाला कुछ भी नहीं है
सुनवाई के दौरान मोहम्मद ज़ुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर ने ज़ुबैर की ट्वीट पर अदालत से गौर करने को कहा। उन्होंने कहा कि इसमें उकसाने वाला कुछ भी नहीं है। उन्होंने सुदर्शन टीवी की ओर से दर्ज कराए गए मामले का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया, ''बतौर फ़ैक्ट चेकर उन्होंने सुदर्शन टीवी के एक ग्राफ़िक्स में ग़लत मस्जिद की तस्वीर दिखाने के मामले को उठाया. बतौर फ़ैक्ट चेकर गज़ा बम धमाके में उन्होंने असल मस्जिद की तस्वीरें पेश की.''

20 जून को दर्ज़ हुई थी FIR
बीते महीने 20 जून को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की थी। उन पर यह FIR 2018 में सेंट्रल बोर्ड फ़िल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफ़सी) से हरी झंडी मिली 1983 की फ़िल्म 'किसी से ना कहना' की एक तस्वीर पोस्ट करने के मामले में हुई थी। इसमें दिखाया गया है कि हनीमून होटल का नाम बदलकर हनुमान होटल कर दिया गया है। इस तस्वीर को लेकर ही हनुमान भक्त' नाम के एक ट्विटर यूज़र ने शिकायत की थी और कहा था कि उसकी धार्मिक भावना आहत हुई है।

तस्वीर के जरिये पीएम मोदी पर कसा था तंज
ज़ुबैर ने 1983 की फ़िल्म 'किसी से ना कहना' की एक तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा था कि 2014 से पहले हनीमून होटल, 2014 के बाद हनुमान होटल। 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे। कहा जा रहा है कि मोहम्मद ज़ुबैर ने इस तस्वीर के ज़रिए पीएम मोदी पर तंज़ किया था। आपको बता दे कि नूपुर शर्मा के मामले को मोहम्मद ज़ुबैर ने ही ज़ोर-शोर से उठाया था।