द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
गिरिडीह जिले में दिल्ली-कोलकाता हाईवे पर यात्री बस के कंडक्टर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना निमियाघाट थाना क्षेत्र की है, जहां गढ़वा से कोलकाता के बीच चलने वाली मुन्ना ट्रेवल्स बस के कंडक्टर के साथ मारपीट करने का आरोप निमियाघाट थाने में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) सत्येंद्र कुमार पर लगा है। घटना में कंडक्टर के सिर पर चोट आई है। मामले की शिकायत बस मालिक की ओर से पुलिस से की गई है। शिकायत मिलने के बाद गिरिडीह के एसपी डॉ. बिमल कुमार ने जांच शुरू करा दी है। बस कंडक्टर के साथ मारपीट के आरोप सामने आने के बाद एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मामले की जांच का जिम्मा डुमरी एसडीपीओ आबिद खान को सौंपा। एसडीपीओ मामले की जांच कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि बुधवार को जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेंगे। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि बस कंडक्टर के साथ मारपीट की जानकारी मिलने के बाद डुमरी एसडीपीओ को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सीट को लेकर एजेंट और एएसआई के परिवार के बीच हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, मुन्ना ट्रेवल्स की बस गढ़वा से कोलकाता के बीच चलती है। इसी बस से निमियाघाट थाने में पदस्थापित एएसआई सत्येंद्र कुमार का परिवार 11 अक्टूबर को गढ़वा से निमियाघाट आ रहा था। बस में सवार होने के दौरान सीट को लेकर उनके परिवार के सदस्यों और एजेंट के बीच कहासुनी हुई थी। आरोप है कि इस दौरान एजेंट और कंडक्टर ने एएसआई के परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया। एएसआई ने भी फोन पर एजेंट और कंडक्टर से बात की थी, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हुआ। बताया जाता है कि 11 और 12 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब 12 बजे के बाद बस निमियाघाट पहुंची, लेकिन निर्धारित स्थान पर नहीं रुकी। इसके बाद एएसआई सत्येंद्र कुमार बस के पीछे पहुंचे और आगे जाकर बस को रुकवाया गया। इस दौरान उनका परिवार बस से नीचे उतरा। इसके बाद कंडक्टर और एएसआई के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान कंडक्टर के साथ मारपीट हुई और उसके सिर पर चोट लग गई। घटना के बाद बस मालिक ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर एसपी ने मामले की जांच डुमरी एसडीपीओ को सौंप दी।

एएसआई बोले- मारपीट नहीं की, पत्नी के सम्मान के लिए किया सवाल
कंडक्टर के साथ मारपीट करने के आरोपों पर एएसआई सत्येंद्र कुमार ने अपना पक्ष भी रखा है। उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर को उनकी पत्नी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मुन्ना ट्रेवल्स की बस में सवार हुई थीं। इसके लिए 1600 रुपये का टिकट लिया गया था। यात्रा के दौरान सीट को लेकर उनके परिवार के सदस्यों ने एजेंट से अनुरोध किया, लेकिन कथित तौर पर एजेंट और कंडक्टर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। सत्येंद्र कुमार के अनुसार, उन्होंने फोन पर एजेंट और कंडक्टर से बात की थी। इसके बावजूद उनकी पत्नी को निर्धारित सीट के बजाय बेंच पर बैठाकर लाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रात में बस निमियाघाट के पास नहीं रुकी और आगे चली गई। इसके बाद वह बस के पीछे पहुंचे और कंडक्टर से बस आगे ले जाने तथा पत्नी के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर सवाल किया।
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एएसआई ने स्वीकार की कहासुनी, मारपीट से किया इनकार
एएसआई सत्येंद्र कुमार ने कहा कि पत्नी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर उनका कंडक्टर से विवाद हुआ था। उनके मुताबिक, मामला आत्मसम्मान से जुड़ा था और इसी दौरान उन्होंने कंडक्टर का गिरेबान पकड़ लिया। उन्होंने दावा किया कि इसी बीच कंडक्टर का सिर बस के दरवाजे से टकरा गया, जिससे उसे मामूली चोट लगी। एएसआई ने मारपीट करने के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपनी पत्नी के सम्मान की रक्षा के लिए सवाल उठाए थे। फिलहाल मामले की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट एसपी को सौंपे जाने की बात कही जा रही है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।