डेस्क:
दुनिया में आपने अलग-अलग हुनरबाज देखे होंगे। कोई मौत के कुएं में जा कर गाड़ी चलाता है तो कोई हवा से भी तेज रफतार में गाड़ी चलाता है। इन सारे लोगों में एक चीज कॉमन होती है वो ये कि इनके पास इनके हाथ पैर रहते है जिसकी मदद से इन्हें गाड़ी चलाने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती। क्या आपने बिना हाथ पैर के किसी व्यक्ति को कार चलाते देखा है? ऐसे ही एक व्यक्ति का वीडियो आनंद महिंद्रा ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है। इसके साथ ही कहा है कि ये उनके लिए ये सम्मान की बात है कि वो उनकी गाड़ी चला रहे है।

सात साल की उम्र में खो दिये थे हाथ -पैर
आपको बता दें कि आंनद महिंद्रा ने जो वीडियो शेयर की है उसमें दिख रहा व्यक्ति विक्रम अग्निहोत्री है। विक्रम देश के पहले व्यक्ति है जिन्हें बिना हाथ के ड्राइवर का लाइसेंस मिला है। दरअसल जब विक्रम सात साल के थे तब उन्हें अपने हाथ-पैर गवाने पड़ गए थे। अपनी इस मुश्किल से उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई पूरी कर मास्टर की डिग्री ली।

ड्राइविंग स्कूल ने मना कर दिया था सिखाने से
विक्रम कभी किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते थे इसलिए उन्होंने ड्राइविंग सीखनी चाही। हालांकि, उनकी शारीरिक कमजोरी के कारण उन्हें किसी भी ड्राइविंग स्कूल में नहीं रखा गया। हर जगह से नाकामी हाथ लगने के बाद विक्रम ने ये फैसला किया कि वो ऑनलाइन वीडियो देख कर कार चलना सीखने की कोशिश करेंगे।
NGO में चेयरमैन है आंनद
इतना ही नहीं विक्रम को इसके बाद भी परेशानियां झेलनी पड़ी। भारत में जब उन्होंने लाइसेंस के लिए अप्लाई किया तो उसे रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि भारत का मोटर वाहन अधिनियम उन्हें कार चलाने की इजाजत नहीं देता। विक्रम ने इसके खिलाफ अपील दायर की और अंत में 2016 में सरकार को कानून में बदलाव करना पड़ा। जिसके बाद उन्हें लाइसेंस मिला। आज विक्रम अग्निहोत्री एक NGO के चेयरमैन है जो दिव्यांगों के बीच कॉन्फिडेंस बिल्डिंग का काम करती है। साथ ही देश के अलग-अलग कानूनों में दिव्यांगों के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ते है। इसके अलावा विक्रम एक बहुत अच्छे स्टूडेंट है, एक बेहतरीन तैराक है, और साथ ही कई भारतीय लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं।
आंनद महिंद्रा ने पोस्ट शेयर कर दिखाया सम्मान
आंनद महिंद्रा ने पोस्ट शेयर कर लिखा- यह एक सम्मान और सौभाग्य की बात होगी कि यह आदमी हमारी कार चलाएगा। विक्रम, मैं आपको नमन करता हूं। आप वही हैं जिसे हम राइज़ स्टोरी कहते हैं। हमें कृतज्ञता के साथ जीवन को अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए धन्यवाद....
It would be an honour and a privilege to have this man drive our cars. Vikram, I bow low to you. You are what we call a Rise story. Thank you for inspiring us to embrace life with gratitude… pic.twitter.com/SyxncKOoob
— anand mahindra (@anandmahindra) May 21, 2022
वहीं इसका रिपलाई करते हुए विक्रम ने लिखा- मिस्टर महिंद्रा सर, आप मेरे आइकॉन और लाखों भारतीयों के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। मैं दुनिया के शीर्ष पर हूं कि मेरे आइकन द्वारा पहचाने जाने के लिए, आपने मेरा जीवन बना दिया है। व्यक्त नहीं कर सकता कि मैं कितना आभारी हूं। अगर मैं किसी दिन आपसे व्यक्तिगत रूप से मिल सकूं तो मुझे सम्मानित किया जाएगा।