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कंगना ने अपने X पोस्ट में लिखी साहिर लुधियानवी की रचना, ये महलों ये तख्तों ये ताजों की दुनिया…

कंगना ने अपने X पोस्ट में लिखी साहिर लुधियानवी की रचना, ये महलों ये तख्तों ये ताजों की दुनिया…

नई दिल्ली : अभिनेत्री कंगना रणौत इन दिनों एक बार फिर अपने बयानों से सुर्खियों में हैं। मीडिया में दिए अपने साक्षात्कारों में कंगना ने किसानों के मुद्दे पर चर्चा की, साथ ही जातिगत जनगणना को लेकर भी अपना पक्ष रहा। इससे भाजपा हाईकमान ने उन पर नाराजगी जताई और उन्हें सोच-समझकर बयान देने को कहा।

यूं तो कंगना अपनी आने वाली फिल्म इमरजेंसी के प्रमोशन के लिए टीवी चैनलों पर साक्षात्कार दे रही हैं, लेकिन फिल्म का प्रमोशन करते-करते जब उनसे अलग-अलग मुद्दों पर सवाल किए जाते हैं तो वह मन की बात कह डालती हैं। उन्होंने किसान आंदोलन पर टिप्पणी की तो बुरी तरह घिर गई। इसके बाद उन्होंने जातिगत जनगणना को लेकर भी टिप्पणी कर दी। इस पर भी वह ट्रोल हो गई। विवादित बयानों से घिरने के बाद गत दिवस कंगना ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि भाजपा हाईकमान ने कंगना को ऐसे मुद्दों पर टिप्पणी न करने की सलाह दी है। अब कंगना ने अपने एक्स अकाउंट पर साहिर लुधियानवी की रचना लिखी। उन्होंने लिखा, ये महलों ये तख्तों ये ताजों की दुनिया, ये इंसान के दुश्मन समाजों की दुनिया, ये दौलत के भूखे रिवाजों की दुनिया, हर एक जिस्म घायल हर एक रूह प्यासी, निगाहों में उलझे दिलों में उदासी, ये दुनिया है या आलम-ए-बदहवासी, जवान जिस्म सजते हैं बाज़ार बनके, यहां प्यार होता है व्यापार बनके, वफा कुछ नहीं प्यार कुछ नहीं, यहां इंसान की चौकड़ी वह कुछ नहीं। ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है, ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है।