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आज 12 जुलाई को इंटरनेशनल मलाला डे (International malala day)मनाया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय दिवस शांति के लिए नोबल पुरस्कार जीतने वाली मलाला युसुफ़ज़ई(Malala Yousafzai) के ज़ज़्बे के प्रति सम्मान जताने के लिए मनाया जाता है। मलाला को सम्मान देने के लिए आज का दिन चुनने के पीछे उनका जन्म दिवस है। महिलाओं के हक और शिक्षा अधिकार को लेकर मलाला ने आवाज़ उठाई। आगे चलकर पाकिस्तान(Pakistan) की मूल निवासी मलाला को भारतीय बाल अधिकारी कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी(kailash satyarthi) के साथ नोबेल पीस प्राइस(Nobel peace prize) से नवाज़ा गया। महज़ 17 साल की उम्र में मलाला को यह पुरस्कार मिला था।

मलाला के साहसी कार्यो को सराहाने का के लिए मनाया जाता है दिवस
आज यानी 12 जुलाई को मलाला युसुफ़ज़ई का जन्मदिन है। अपने प्रयासों और महिला व बच्चों के लिए आवाज़ उठाने वाली मलाला का अब तक का सफर बेहद अनूठा है। मलाला पाकिस्तान के मिंगोरा में जन्मी थीं। साल 2007 में उनके क्षेत्र में तालिबानियों ने लड़कियों की पढ़ाई पर पाबंदी लगा दिया था। जिसके खिलाफ मलाला ने आवाज़ उठाई थी। मलाला ने साल 2009 से ब्लॉगिंग शुरू की, जिसमें उन्होंने तालिबानियों के खौफ और उनके बीच जीवन के अनुभवों को लिखना शुरू किया।

सिर में मारी गोली मारी, संघर्ष और जज्बे से तय किया नोबेल पीस प्राइस का सफर
वर्ष 2012 में लड़कियों की शिक्षा को लेकर लगातार आवाज़ बुलंद करने वाली मलाला को तालिबानियों ने उनके स्कूल बस को रोककर मलाला के सिर में गोली मारी थी। इस हमले से उबरने के बाद भी मलाला ने हार नहीं मानी। उन्होंने शिक्षा को लेकर आवाज़ लगातार बुलंद की। 16 साल की उम्र यानी साल 2013 में मलाला ने अपनी बात यूनाइटेड नेशन्स तक पहुंचाई। जिसके बाद टाइम मैगज़ीने ने मलाला को दुनिया के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्व की लिस्ट में शामिल किया। इसके ठीक एक साल बाद यानी साल 2014 में मलाला को नोबेल पीस प्राइज़ से सम्मानित किया गया।

लड़कियों की शिक्षा के लिए शुरू किया मलाला फंड, ऑक्सफ़ोर्ड जाकर प्राप्त की शिक्षा
लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट करने के उद्देश्य से मलाला और उनके पिता ने मिलकर मलाला फंड की शुरुआत की थी। इस फंड की शुरुआत के साथ मलाला ने वाइटल वॉइसेस ग्लोबल पार्टनरशिप के साथ कोलैबोरेशन किया। अपनी हिम्मत और सामाजिक प्रयास के लिए मलाला को अब तक 40 से अधिक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की छात्रा रह चुकी हैं मलाला ने यहां से फिलॉसोफी, पॉलिटिक्स और इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल की है। मलाला ने साल 2020 में अपनी पढ़ाई पूरी की और 2021 में उनकी शादी क्रिकेट गवर्निंग बॉडी ऑफ पाकिस्तान के मैनेजर अस्सर मलिक से की। मलाला ने अपने उद्देश्य को लेकर आवाज़ बुलंद की और खुद पर हुए हमले के बावजूद उन्होंने अपने कदम पीछे नहीं खींचे। इसी जज्बे और संघर्ष ने उन्हें विश्व पटल पर एक मुकाम हासिल करने में मदद की।
