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नई दिल्ली : भारत-पाकिस्तान विभाजन भारतीय इतिहास का अमानवीय अध्यायः अमित शाह 

भारत-पाकिस्तान विभाजन भारतीय इतिहास का अमानवीय अध्यायः अमित शाह 

दिल्लीः
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए लिखा है, "1947 में हुआ देश का विभाजन भारतीय इतिहास का वो अमानवीय अध्याय है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। विभाजन की हिंसा और घृणा ने लाखों लोगों की जान ली व असंख्य लोगों को विस्थापित करवाया। आज 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर विभाजन का दंश झेलने वाले लाखों लोगों को नमन करता हूँ।"


उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा है, "विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' देश की युवा पीढ़ी को विभाजन के दौरान लोगों द्वारा सही गई यातना एवं वेदना का स्मरण करवाएगा और देशवासियों को देश में सदा शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रेरित भी करता रहेगा। विभाजन विभीषिका।"

 

राजनाथ सिंह ने भी अर्पित की श्रद्धांजलि:

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर विभाजन के दौरान जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, "विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर मैं उन सभी लोगों को स्मरण करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्हें देश के विभाजन के समय अपनी ज़िंदगी गँवानी पड़ी। जिन्होंने विभाजन की पीड़ा न भूल पाने के बावजूद एक नई शुरुआत की उन्हें भी नमन है। यह देश विभाजन की विभीषिका कभी नहीं भूलेगा।

 

"आपको बता दें कि, 1947 में विभाजन के दौरान हुए साम्प्रदायिक दंगों में लाखों लोग विस्थापित हुए थे और बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। देश के इतिहास में 14 अगस्त की तारीख आंसुओं से लिखी गई है। यही वह दिन था, जब देश का विभाजन हुआ और 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान तथा 15 अगस्त, 1947 को भारत को एक पृथक राष्ट्र घोषित कर दिया गया।