डेस्क:
उड़नपरी के नाम से मशहूर भारत की महिला एथलीट(Athlete) पीटी ऊषा(PT Usha) राज्यसभा सांसद (Rajya sabha MP) बन गई हैं। 58 वर्षीय पीटी ऊषा के साथ तीन और हस्तियों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद(Ramnath kovind) ने राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। राज्यसभा में 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत(Nominated) कर सकते हैं। कला, साहित्य, ज्ञान, खेल और सामाजिक सेवाओं में विशिष्ट योगदान के लिए लोगों को राज्यसभा के लिए नामित किया जाता है।

राज्यसभा सांसद बनने पर पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व ओलंपिक ट्रैक एंड फील्ड एथलीट पीटी उषा को राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, पीटी ऊषा जी हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा हैं। खेलों में उनकी उपलब्धियों को सभी जानते हैं और उसकी सराहना करते हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से वो देश के नवोदित एथलीटों का मार्गदर्शन कर रही हैं उनका यह काम उतना ही सराहनीय है। उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई।
The remarkable PT Usha Ji is an inspiration for every Indian. Her accomplishments in sports are widely known but equally commendable is her work to mentor budding athletes over the last several years. Congratulations to her on being nominated to the Rajya Sabha. @PTUshaOfficial pic.twitter.com/uHkXu52Bgc— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2022
सबसे पहले सचिन तेंदुलकर राज्यसभा के लिए हुए थे मनोनीत
खेल के क्षेत्र खिलाडी की बात करें तो सचिन तेंदुलकर राज्यसभा के लिए नामित होने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। सचिन तेंदुलकर के नामित होने से पहले खेल के क्षेत्र के लोगों को राज्यसभा में भेजे जाने का प्रावधान नहीं था। सचिन के बाद ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज एमसी मेरीकॉम को भी राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया।

तीन और लोग हुए नामित
दिग्गज एथलीट पीटी उषा और संगीत उस्ताद इलयाराजा के अलावा परोपकारी और धर्मस्थल मंदिर के प्रशासक वीरेंद्र हेगड़े (Veerendra Heggade) और प्रसिद्ध पटकथा लेखक वी विजयेंद्र प्रसाद (V Vijayendra Prasad) को भी संसद के उच्च सदन के लिए नामित किया गया है।

12 सदस्यों को नामित कर सकते हैं राष्ट्रपति
भारतीय संविधान राष्ट्रपति को 12 लोगों को राज्यसभा सदस्य के तौर पार नामित करने का अधिकार देता है। संविधान के अनुच्छेद 80 में राज्यसभा के गठन का प्रावधान है। इसके मुताबिक राज्यसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 हो सकती है जो कि वर्तमान में 245 है। इनमें से 233 सदस्यों को विधानसभा सदस्यों द्वारा चुना जाता है। वहीं 12 सदस्यों राष्ट्रपति द्वारा निर्वाचित किया जाता है। राज्यसभा के लिए नामित सदस्य किसी राज्य का नहीं देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में वोट नहीं दे सकते।