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दिल्ली : देश में मंकीपॉक्स का पहला मामला आया सामने, विदेश यात्रा से लौटे यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारी

देश में मंकीपॉक्स का पहला मामला आया सामने, विदेश यात्रा से लौटे यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारी

डेस्क:
अफ्रीका(Africa) के बाद दुनियाभर में मंकीपॉक्स(Monkey pox) के मामलों को बढ़ता देख स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय(Ministry of health and family welfare) ने विदेश यात्रा से भारत
(India) लौटे यात्रियों के लिए दिशानिर्देश(Guidelines) जारी किया है। मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार विदेश(Foreign) से आए लोगों को बीमार लोगों के साथ निकट संपर्क से बचना चाहिए। इसके अलावा मृत या जीवित जंगली जानवरों और अन्य लोगों के संपर्क में आने से भी बचना चाहिए। बता दें कि बीते गुरुवार को केरल(Keral) में एक मंकीपॉक्स संक्रमित व्यक्ति मिला था, जो विदेश से लौटा था। मंत्रालय ने गाइडलाइन में कहा है कि यदि आपके शरीर में मंकीपॉक्स के लक्षण(Symptom) दिख रहे हैं, जिनमे आपके शरीर में दाने निकलना शामिल हैं। इसके साथ यदि आप ऐसी जगह से लौटकर आए हैं जहां मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर सलाह लें। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मंकीपॉक्स एक वायरल जूनोटिक बीमारी है, जिसमें चेचक(Small pox) के समान लक्षण होते हैं। मंकीपॉक्स वायरस मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका में होता है। 

देश में पहले मामले की केरल में पुष्टि 
देश में मंकीपॉक्स का पहला मामला केरल में सामने आने आया है। इसके मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थिति से निपटने में अधिकारियों का सहयोग करने के लिए बृहस्पतिवार को राज्य में एक उच्च स्तरीय बहु-विषयक टीम भेजी है। इससे पहले, केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा था कि विदेश से राज्य में लौटे एक 35 वर्षीय एक व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में व्यक्ति में मंकीपॉक्स संक्रमण की पुष्टि हुई है। वर्ष 2003 में पहला मंकीपॉक्स का मामला सामने आया था। 

केरल भेजी गई टीम देगी आवश्यक कदम उठाने की राय 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक पत्र में कहा गया है कि केरल के कोल्लम जिले में मंकीपॉक्स के एक मामले की पुष्टि के मद्देनजर, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीमारी की जांच में केरल सरकार का सहयोग करने और आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के लिए एक बहु-विषयक केंद्रीय टीम को भेजने का निर्णय लिया है।अधिकारियों ने कहा कि टीम राज्य के स्वास्थ्य विभागों के साथ मिलकर काम करेगी। ऐसे में जमीनी स्थिति का जायजा लेने के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों के लिए अपनी सिफारिश मंत्रालय को सौपेंगी।