डेस्क:
वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंदू पक्ष ने शिवलिंग मिलने का दावा किया था। दिल्ली यूनिवर्सिटीके प्रोफेसर रतन लाल ने एक पोस्ट किया था। पोस्ट आपत्तिजनक था और इसलिए हिंदू पक्ष ने धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया। इस मामले में पुलिस ने प्रोफेसर रतन लाल को गिरफ्तार कर लिया है। अब उनकी गिरफ्तारी को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। वामपंथी छात्र संगठन के लोग प्रोफेसर रतन लाल की गिरफ्तारी के खिलाफ खुलकर सड़क पर उतर आये हैं।

रतन लाल की गिरफ्तारी की मांग
प्रोफेसर रतन लाल की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के बैनर तले छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने ज्ञानवापी विवाद में रतन लाल को अविलंब रिहा करने की मांग की। आईसा के बैनर तले छात्रों ने प्रोफेसर रतन लाल को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए डीयू की आर्ट फैकल्टी के बाहर प्रदर्शन किया।
साइबर सेल थाने में मामला दर्ज
गौरतलब है कि प्रोफेसर रतन लाल की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र शुक्रवार की देर रात साइबर सेल थाने पहुंच गये थे। आईसा से जुड़े छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतन लाल को तुरंत रिहा करने की मांग कर रहे थे। वहीं, गिरफ्तार प्रोफेसर रतन लाल की शनिवार को कोर्ट में पेशी है। वकील विनित जिंदल ने प्रोफेसर रतन लाल के खिलाफ शिकायत की थी। दिल्ली के मोरिस नगर साइबर सेल थाने में धारा 153-ए और 295-ए के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का काम जारी
दरअसल, बीते काफी समय से वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर सर्वे का काम चल रहा है। सर्वे के दौरान हिंदू पक्ष ने शिवलिंग मिलने का दावा किया वहीं मुस्लिम पक्ष ने इसका खंडन किया। वहीं वाराणसी के उपायुक्त ने कहा है कि फिलहाल सर्वे का काम जारी है। अभी कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी। इसी दरम्यान प्रोफेसर रतन लाल ने फेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किया था।