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बेरोजगारी : Byju's ने एक झटके में 2500 कर्मचारियों को किया बेरोजगार, ई-मेल भेज मांगा इस्तीफा

Byju's ने एक झटके में 2500 कर्मचारियों को किया बेरोजगार, ई-मेल भेज मांगा इस्तीफा

डेस्कः
भारत की सबसे बड़ एडटेक कंपनी बायजूस (Byju's) गंभीर संकट से गुजर रही है। Byju's ने अपने 2500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। समूह की ही एक कंपनी टॉपर से 1000 लोग निकाले गए हैं। बताया जा रहा है कि बायजूस ने Toppr, WhiteHat Jr और सेल्स एंड मार्केटिंग, ऑपरेशंस, कंटेंट और डिजाइन टीमों से फुल-टाइम और कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारियों को निकाला है। दरअसल कोविड के बाद से एडटेक सर्विसेज की मांग घटी है। हाल के महीनों में इस सेक्टर की कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को निकाला है। 

 


क्यों हो रही है छंटनी
बायजूस ने पिछले साल 15 करोड़ डॉलर में Toppr को खरीदा था। कंपनी का कहना है कि उसने Toppr के इंटिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और उसके करीब 80 फीसदी कर्मचारियों को अपने पास रख लिया है। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद Toppr के सेल्स और मार्केटिंग डिवीजन के कर्मचारियों को बनाए रखा गया है जबकि बाकी कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। बायजूस ने अगस्त 2020 में वाइटहैट जूनियर को 30 करोड़ डॉलर में खरीदा था। निकाले गए कर्मचारियों में से अधिकांश कोड टीचिंग और सेल्स टीम के हैं

 


दो साल में जिन कंपनियों को खरीदा है उससे छटनी हो रही 
बायजू में छंटनी की सबसे खास बात यह है कि उसने सबसे ज्यादा कर्मचारी Toppr और WhiteHat Jr जैसी उन कंपनियों से निकाले गए हैं, जिन्हें दो साल के भीतर कंपनी ने खरीदा है। इन दोनों कंपनियों के 1500 कर्मचारियों को 27 और 28 जून को पिंक स्लिप यानि बर्खास्तगी की चिट्ठी मिली है। कंपनी ने अपनी कोर ऑपरेशंस टीमों को करीब 1000 कर्मचारियों को 29 जून को ई-मेल भेज कर उनकी विदाई की है। एक सूत्र ने कहा कि कंटेंट और डिजाइन टीम पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। सबसे ज्यादा छंटनी इन्हीं की हुई है। 

 


इस्तीफा नहीं तो 1 महीने का वेतन नहीं

बर्खास्त कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें सोमवार को कंपनी से ‘कॉल’ आया और इस्तीफा देने को कहा गया। ऐसा नहीं करने पर बिना नोटिस के नौकरी से हटाने की बात कही गयी। 300 से 350 परमानेंट कर्मचारियों को निकाल दिया गया है जबकि करीब 300 कर्मचारियों को रिजाइन करने को कहा गया है। साथ ही कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए 600 कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। उनका कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर-नवंबर तक था। टॉपर के बर्खास्त कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें सोमवार को कंपनी से ‘कॉल’ आया और इस्तीफा देने को कहा गया। ऐसा नहीं करने पर बिना नोटिस के नौकरी से हटाने की बात कही गयी। कंपनी के एक कर्मचारी ने बताया, ‘‘मैं रसायन शास्त्र विषय पढ़ाता हूं। मेरी पूरी टीम की छंटनी कर दी गयी है। टॉपर ने इस्तीफा देने को वालों को एक महीने का वेतन देने का वादा किया। ऐसा नहीं करने वालों को कोई वेतन नहीं दिया जाएगा।’’