डेस्क:
8 दिसंबर 2021 को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसी समय से देश में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद खाली है। गौरतलब है कि नए सीडीएस की नियुक्ति के लिए सैन्य अधिकारियों का एक पैनल गठित किया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक पैनल सीडीएस के चयन में ना केवल सेवानिवृत्त और कार्यरत अधिकारियों को तरजीह दे रहा है बल्कि थ्री स्टार औऱ फोर स्टार को भी कंसीडर कर रहा है।

2019 में हुई थी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति
गौरतलब है कि 2019 में सत्ता में वापसी करने के महज 6 महीने के भीतर ही मोदी सरकार ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति की थी। पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल विपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया गया। बता दें कि ये देश की सैन्य संरचना में ऐतिहासिक कदम था। इसके साथ ही थियेटर कमांड भी अस्तित्व में आया। गौरतलब है कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के उद्देश्य से किया गया था।
सैन्य सुदृढ़िकरण के लिए सीडीएस की नियुक्ति हुई थी
बता दें कि अपने कार्यकाल के दौरान दिवगंत जनरल विपिन रावत ने सैन्य सुदृढ़िकरण की दिशा में मूलभूत कदम उठाये। रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत स्वदेशी को प्राथमिकता दी गई। फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल की खरीददारी की गई। देश के मिसाइल सिस्टम को और उन्नत बनाने का प्रयास किया गया।
और भी कई योजनाएं थीं जिसको अमलीजामा पहनाया जाना था लेकिन 8 दिसंबर 2021 को दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से हेलिकॉप्टर दुर्घटना में देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत का निधन हो गया। उनकी पत्नी मधुलिका का भी हादसे में निधन हो गया।

नए आर्मी चीफ की नियुक्ति के लिए भी जारी है कवायद
इस बीच नए आर्मी चीफ की नियुक्ति को लेकर भी सैन्याधिकारियों का पैनल विचार कर रहा है। दरअसल, मौजूदा आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का कार्यकाल खत्म होने वाला है। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि जनरल मनोज मुकुंद नरवणे देश के अगले सीडीएस हो सकते हैं। हालांकि, इसमें वरिष्ठता क्रम का भी खयाल रखा जायेगा।