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बड़ी खबर : 'नफरत की राजनीति में पिता को खोया...अब देश को नहीं खोऊंगा', भारत जोड़ो यात्रा से पहले पिता की समाधि पर राहुल गांधी का संकल्प

'नफरत की राजनीति में पिता को खोया...अब देश को नहीं खोऊंगा', भारत जोड़ो यात्रा से पहले पिता की समाधि पर राहुल गांधी का संकल्प

डेस्क: 

12 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरने वाली कांग्रेस पार्टी (Congress)  की 3570 किमी लंबी भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodi Yatra) आज शुरू हो गई। कन्याकुमारी (Kanyakumari) से शुरू होकर ये यात्रा कश्मीर (Kashmir) में जाकर खत्म होगी। यात्रा की शुरुआत से पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi), तमिलनाडु (Tamilnadu) स्थित श्रीपेरंबदूर (Sriperumbudur) गए जहां उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव (Rajeev Gandhi) गांधी की समाधि है।

श्रीपेरंबदूर में राजीव गांधी मेमोरियल में राहुल गांधी ने पिता के सामने शीश नवाया और यात्रा की शुरुआत की। दरअसल, श्रीपेरंबदूर ही वो जगह है जहां मई 1991 में आम चुनाव के दरम्यान के चुनावी रैली में भाग लेने पहुंचे तात्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की लिट्टे आतंकियों ने हत्या कर दी गई थी। बम धमाका हुआ था। 

 

राहुल गांधी ने किया काफी भावुक ट्वीट
श्रीपेरंबदूर पहुंचे राहुल गांधी ने पिता की समाधि के सामने हाथ जोड़कर खड़े अपनी एक तस्वीर अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर शेयर की है। साथ ही राहुल गांधी ने एक भावुक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने मौजूदा एनडीए सरकार (NDA Government) पर भी निशाना साधा। राहुल गांधी ने इस तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है कि नफरत और बंटवारे की राजनीति की वजह से मैंने अपने पिता को खो दिया। अब इस वजह से अपने प्यारे देश को नहीं खोऊंगा। राहुल गांधी ने लिखा कि प्यार, नफरत को जीत लेगा। आशा डर को हरा देगी। हम सब मिलकर इस मुश्किल समय से बाहर निकल आएंगे। 

 

300 लोगों का काफिला होगा राहुल के साथ
मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी के साथ इस यात्रा में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सहित सिविल सोसायटी के लोग चलेंगे। तकरीबन 300 लोगों का ये काफिला यात्रा के दरम्यान किसी भी होटल में नहीं रूकेगा। राहुल गांधी ने साफ किया है कि ये पांच सितारा होटल वाली यात्रा नहीं होगी बल्कि वे साधारण तरीके से यात्रा करते हुए लोगों से सीधा संवाद करेंगे। ऐसे में सवाल था कि आखिरकार राहुल गांधी अपने काफिल के साथ रूकेंगे कहां। खाएंगे क्या। दरअसल, यात्रा पूरे 150 दिन तक चलेगी।

दरअसल, इसका भी समाधान निकाल लिया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने 60 कंटेनर को आशियाने का रूप दिया है। इन्हीं कंटेनर में से एक में राहुल गांधी रहेंगे। इसमें सोने की व्यवस्था है। वॉशरूम है। एसी भी लगा होगा। गौरतलब है कि देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम अलग-अलग है। तापमान में विभिन्नता है। ऐसे में कंटेनर में ही सारी व्यवस्था होगी। यात्रा के दौरान खाने-पीने की व्यवस्था भी राहुल गांधी के साथ चल रहे लोग करेंगे। 

उदयपुर में आय़ा था यात्रा का आइडिया
बताया जाता है कि उदयपुर (Udaipur) में आयोजित कांग्रेस के संकल्प शिविर (Sankalp Shivir) में ही भारत जोड़ो यात्रा की रूपरेखा तय हो गई थी। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने पार्टी को आइडिया दिया था कि कुछ ऐसा किया जाए जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता आम लोगों से सीधा संवाद कर सकें। यही नहीं, प्रशांत किशोर ने सुझाया था कि पार्टी को देशभर के कम से कम 200 प्रभावशाली लोगों से सीधी मुलाकात करनी चाहिए। राहुल गांधी को ये प्रस्ताव पसंद आया और वहीं से भारत जोड़ो यात्रा की रूपरेखा तय की गई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी आज यानी 7 सितंबर को भारत जोड़ो यात्रा पर निकल रहे हैं। 

क्या 2024 की तैयारी है भारत जोड़ो यात्रा
विपक्ष इस यात्रा को 2024 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) की तैयारी बता रहा है तो वहीं कांग्रेस पार्टी का कहना है कि इस यात्रा का मकसद भारत के लोगों में एकता की भावना प्रस्फुटित करना है। राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार देश में विभाजन और नफरत की राजनीति कर रही है। देश धीरे-धीरे धर्म, जाति और क्षेत्र में बंटता जा रहा है। समुदायों के बीच नफरत पनप रही है। कांग्रेस ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता को अंगीकार किया है वहीं बीजेपी तोड़ो और राज करो की राजनीति में विश्वास करती है। राहुल गांधी ने कहा कि इसके प्रत्युतर में ही कांग्रेस ने भारत को जोड़ने का संकल्प लिया है।