द फॉलोअप डेस्क:
कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले जंतर-मंतर से संसद मार्च को लेकर दिल्ली में पूरे दिन गहमा-गहमी का माहौल रहा। संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे छात्रों के हुजूम को लाठीचार्ज, टियर गैस और वाटर कैनन के जरिये रोकने का प्रयास किया गया। संसद मार्च को कई नेताओं का समर्थन भी मिला। सपा सांसद डिंपल यादव और प्रिया सरोज ने मार्च में हिस्सा लिया। अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता प्रकाश राज भी पहुंचे। सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात भी छात्रों के संसद मार्च को समर्थन देने पहुंचीं।
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी के एक डेलिगेशन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और अपनी 3 मांगों को उनके सामने रखा। जेपी नड्डा ने इन मांगों को लेकर सीनियर लीडर्स से बातचीत का आश्वासन दिया है।
आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) July 20, 2026
सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।
मैंने… pic.twitter.com/HLCl20RBSp
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संसद मार्च हुआ
गौरतलब है कि आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जंतर-मंतर से संसद मार्च तय था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने पहले ही कहा था कि इसकी अनुमति नहीं है। छात्रों को संसद भवन मार्च से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। छात्रों का हुजूम जब संसद भवन की ओर बढ़ा तो पुलिस ने बलप्रयोग किया। छात्रों को रोकने के लिए लाठीचार्ज, टियर गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इस कवायद में कई छात्रों को चोट आई। संसद भवन के आसपास वाले मेट्रो स्टेशनों पर भी अफरा-तफरी का माहौल रहा। छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की जिसमें उनका पुलिस के साथ टकराव हुआ।

प्रियंका गांधी ने शर्मनाक कहा तो क्या बोलीं हेमामालिनी!
प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज को शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि ये हमारे ही बच्चे हैं। संसद भवन उन बच्चों का भी है, किसी की जागीर नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे पर सरकार को छात्रों के साथ संवेदनशील होकर बातचीत करना चाहिए, वहां लाठीचार्ज और टियर गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा लाखों बच्चों के भविष्य से जुड़ा है।
वहीं बीजेपी सांसद हेमामालिनी ने कहा कि यदि कोई दिक्कत है तो बैठकर बात करनी चाहिए, ऐसे प्रदर्शन करने से कुछ काम नहीं होगा। देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के लिए मोदी सरकार ने बहुत काम किया है।
इस बीच मुंबई से भी तस्वीरें आईं जहां शिवसेना (यूबीटी) के युवा नेता आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में लोग सड़क पर उतरे और सोनम वांगचुक के प्रति अपना समर्थन जताया।
भाजपा सरकार को बच्चों पर लाठी चलाने की जगह अपनी नीतियों और अक्षमताओं की समीक्षा करनी चाहिए। पहले NEET का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई और Re-NEET में भी गड़बड़ी की खबरें आई हैं। कहा गया था कि प्रधानमंत्री खुद निगरानी करेंगे, इसके बावजूद यह सब क्यों और कैसे हो रहा है? बार-बार… pic.twitter.com/TuXIzO4s9Z
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 20, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी की केंद्र के सामने तीन मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सामने तीन मांगें रखी हैं। उनकी पहली मांग है कि सोनम वांगचुक को अविलंब रिहा किया जाये और उन्हें छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी करने की अनुमति मिले। दूसरी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त किया जाये या उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाये। कॉकरोच जनता पार्टी की तीसरी मांग है कि नीट पेपर लीक के बाद जिन 20 से ज्यादा बच्चों ने आत्महत्या में अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाये।

दिल्ली के अलावा कई अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन हुआ
आज दिल्ली में जंतर-मंतर के अलावा छात्रों का प्रदर्शन झारखंड, यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब समेत अन्य राज्यों में देखने को मिला। पटना में विधानमंडल के सामने आरजेडी के सांसदों और विधायकों ने छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। झारखंड के जमशेदपुर में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन यानी आइसो के बैनर तले सैकड़ों छात्र सड़क पर उतरे।
संसद में मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के जरिये समाधान निकालने की जगह उनको सड़क पर पीटकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जो कि ठीक नहीं है।
सरकार ने बलप्रयोग से खाली करा लिया जंतर-मंतर
दिल्ली में पूरे दिन की गहमा-गहमी के बीच बड़ी खबर ये भी है कि जंतर मंतर पर स्टेज खाली करा लिया गया है। सुरक्षाबल के जवानों ने लाठीचार्ज, टियर गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारी छात्रों को खदेड़ दिया है।
इससे कुछ ही वक्त पहले दिल्ली पुलिस के एडिशनल सीपी राजीव रंजन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने, संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की थी। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा था कि वे गैर कानूनी और हिंसक गतिविधियों में लिप्त ना हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
दिल्ली पुलिस ने जनता के नाम संदेश जारी किया कि वे सोशल मीडिया या किसी भी अन्य माध्यम से फैलाई गई अफवाह, गलत जानकारी या अपुष्ट खबरों पर विश्वास नहीं करें।
Jantar Mantar has now been cleared, obviously by using brutal force. pic.twitter.com/KMs3JLRB4p
— Dont Be Afraid (@RebelVista31) July 20, 2026
इस बीच राहुल गांधी ने वीडियो जारी करके पीएम मोदी पर देश के इतिहास का सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री होने क आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इतने युवा विरोधी हैं कि नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि जब बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए तो उन्हें जवाब में लाठी और हिरासत मिली है।