मुंबईः
आयकर विभाग की छापेमारी में महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के जालना में कुछ बिजनेसमैन के यहां अकूत सम्पत्ति मिली है। आयकर विभाग (Income Tax) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) में के जालना (Jalna) और औरंगाबाद (Aurangabad) में आयकर विभाग ने छापेमारी की। ये छापेमारी औरंगाबाद में एक बिल्डर (Builder) और जालना में एक स्टील उत्पादन करने वाली कंपनियों के मालिक के यहां हुई है। छापेमारी में 58 करोड़ नगद और 32 किलो सोना (Gold) बरामद किया गया है। पैसे गिनने में विभाग को करीब 13 घंटे लगे।

260 अधिकारियों ने की थी छापेमारी
जालना में जिन कंपनियों के मालिक के यहां छापेमारी की है वो 3 अगस्त को की है। आयकर विभाग ने SRJ Peety Steels Pvt. Ltd. और Kalika Steel Alloys Pvt. Ltd कंपनियों में छापेमारी की। इस छापेमारी में आयकर विभाग को 390 करोड़ रुपये की संपत्ति की जानकारी मिली जिसे कुर्क कर दिया गया। जालना में आयकर विभाग के 260 अधिकारियों ने छापेमारी की। जिसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। 8 अगस्त तक कार्रवाई चली। इस कार्रवाई को आयकर विभाग की नासिक टीम ने अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि पैसे स्टेट बैंक में ले जाकर गिने गये, सुबह 11 बजे कैश गिनने का काम शुरू हुआ जो रात 1 बजे तक चला।

एक के पास अकेले 100 करोड़
आयकर विभाग ने जालना में एक स्टील, कपड़ा व्यापारी और रियल एस्टेट डेवलपर के अलावा कुछ अन्य के परिसरों में 1-8 अगस्त तक छापेमारी की थी। इनके पास से लगभग 390 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जब्त की गई है। अकेले एक के पास से 100 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति मिली है। जब्त सम्पत्ति में 56 करोड़ रुपए कैश, 32 किलो सोना, मोती-हीरे और कई संपत्तियों के कागजात शामिल हैं।

इस तरह ऑपरेशन को दिया गया अंजाम
आयकर विभाग ने जालना में दो बड़ी स्टील कंपनियों और उन कंपनियों से जुड़े कारोबारियों के अलावा शहर व जिले के कुछ अन्य जैसे विमलराज सिंघवी समेत 10 से 12 कारोबारियों के यहां छापेमारी की थी। छापेमारी में दो दर्जन से अधिक कमिश्नर स्तर के अधिकारी शामिल थे। करीब 480 लोगों की टीम ने जालना में डेरा डाला और तीन दिनों तक इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 3 अगस्त को आयकर विभाग के 100 से अधिक वाहन शादी समारोह के स्टिकर के साथ जालना कस्बे पहुंचे थे। इन कारों पर 'राहुल और अंजलि' के स्टिकर चिपके हुए थे। ट्रेनों से 480 अधिकारी-कर्मचारी लाए गए थे। टीम में मुंबई, पुणे, नासिक और औरंगाबाद के अधिकारी शामिल रहे। ये लोग एमआईडीसी में कारखानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अपने आवासों पर पहुंचे।