रांचीः
पूजा सिंघल आइएएस, झारखंड के यहां आज सुबह से ही प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई चल रही है। उनके 20 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी हो रही है। पूजा सिंघल के आवास से भारी मात्रा में नकदी (करीब 25 करोड़ रुपये) बरामद होने सूचना है। पैसे की गिनती के लिए ईडी की ओर से मशीन मंगाया गया है। 2000 बैच की आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल का विवादों के साथ नाता शुरू से ही रहा है। सरकार किसी की भी हो इनका रूतबा हमेश बरकरार रहा है।

आखिर कौन है पूजा सिंघल
पूजा सिंघल वर्तमान में खान और भूविज्ञान विभाग की सचिव और झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (जेएसएमडीसी) की प्रबंध निदेशक हैं। इनका शुरू से ही विवादों से गहरा नाता रहा है। अभिषेक झा से पूजा सिंघल ने दूसरी शादी की है।
एक बुजुर्ग ने की थी शिकायत
जब रघुवर दास की सरकार थी उस वक्त का एक वाकया है। रघुवर दास अमूमन हर सप्ताह सूचना भवन में जनसंवाद का करते थे। लोग सीधे आकर उनसे मिलते थे और अपनी फरियाद सुनाते थे। एक दिन एक फरियादी आया था धनबाद से। उसने बताया कि धनबाद मार्केटिंग बोर्ड में दुकान है उसकी। अधिकारी पैसे मांगता है। बताता है कि ऊपर तक जाता है पैसा। कोई मैडम हैं रांची में पूजा सिंघल पुरवार, उनको भी पैसा पहुंचाना पड़ता है। उस वक्त पूजा सिंघल उस फरियादी के एकदम बगल में बैठी थीं। सिंघल उस समय कृषि विभाग की सचिव थी। उस वक्त पूरा कक्ष ठहाके से गूंज उठा। थोड़ी देर के लिए रघुवर दास भी शांत हो गए। पूजा सिंघल जमीन को ऐसे देख रही थी मानो धरती फट जाए और वह उसमें समा जाए।

जब खूंटी की डीसी थी तब का मामला
पूजा सिंघल खूंटी की डीसी थी, तब वहां ग्रामीण विकास विभाग के कार्यक्रमों में करोड़ों का घोटाला हुआ. उस समय ग्रामीण विकास विभाग के कनीय अभियंता रामविनोद सिन्हा के साथ इनका काफी नाम जुड़ा था. खूंटी में मनरेगा घोटाले के तहत कुल 16 प्राथमिकी दर्ज की गई। विभागीय जांच कमेटी की रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दिया गया। तत्कालीन सीएम अर्जुन मुंडा का जांच से संबंधित आदेश निगरानी ब्यूरो (अब एंटी करप्शन ब्यूरो) तक पहुंचा ही नहीं। अर्जुन मुंडा ने सभी मामलों की जांच के आदेश दिये थे और निगरानी तक पहुंचा सिर्फ दो मामलों की जांच करने का आदेश। इस मामले की जांच ईडी कर रही है।

माले विधायक ने उठाया था मामला
चतरा में डीसी रहते पूजा सिंघल ने मनरेगा योजना से दो एनजीओ को 6 करोड़ रूपये दिये। वेलफेयर प्वाइंट नाम के NGO को चार करोड़ और दो करोड़ रुपये प्रेरणा निकेतन नाम के एनजीओ को। दोनों को मुसली उत्पादन के नाम पर यह राशि दी गयी। मनरेगा में मुसली उत्पादन के लिए पैसे दिये गये। पूजा सिंघल अगस्त 2007 से जून 2008 तक चतरा डीसी थी। इस मामले को भाकपा माले विधायक विनोद सिंह ने मामले को उठाया था। सरकार ने जांच कराने की बात कही थी। इस मामले में भी पूजा सिंघल को सरकार के अफसरों ने क्लीन चीट दे दी. हालांकि ईडी ने हाइकोर्ट में दिये हलफनामे में कहा है कि वह इस मामले को देख रहे हैं। इतना ही नहीं लातेहार में कोयला ब्लाक के भूमि अधिग्रहण मामले में भी इनका नाम आया था। इस मामले को भी दबा दिया गया। एक बड़ी निजी कंपनी को लातेहार में कोल ब्लॉक आवंटित किया गया था। राज्य में पूजा सिंघल कृषि और पशुपालन विभाग, उद्योग विभाग, पर्यटन विभाग में भी रही हैं. इनपर झारखंड में आयोजित मोमेंटम झारखंड में भी कई दिनों तक सुर्खियों में रहा था. साथ ही साथ मोमेंटम झारखंड के दौरान एक दिन में सबसे अधिक रोजगार दिये जाने का लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में नाम दाखिल होने. समेत देश भर के कई महानगरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और अन्य जगहों पर निवेशक सम्मेलन आयोजित करने में भी इनकी भूमिका रही थी।