द फॉलोअप डेस्क:
ममता बनर्जी ने तय समय तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया। अब राज्यपाल आरएन रवि ने पश्चिम बंगाल कैबिनेट को भंग कर दिया है। पश्चिम बंगाल में राजभवन सचिवालय से जारी अधिसूचना के मुताबिक, गर्वनर ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के क्लॉज (2) के सब-क्लॉज (बी) के तहत 7 मई से पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ टीएमसी की हार के बावजूद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने चुनाव आयोग की सहायता से पारा मिलिट्री फोर्स की मौजूदगी में जबरन उनको हराया है।, वह हारी नहीं हैं।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने 100 सीटों की चोरी की है। ममता बनर्जी ने साफ कहा था कि राजभवन जाने का तो सवाल ही नहीं बनता।

अब मुख्यमंत्री नहीं रहीं ममता बनर्जी
राज्यपाल के विधानसभा भंग करने का यह मतलब हुआ है कि अब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री नहीं हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 206 सीटों पर जीत हासिल करके प्रचंड जनादेश हासिल किया था। टीएमसी को महज 81 सीटों पर ही जीत मिली। कांग्रेस और वामदल को 2-2 सीटों से संतोष करना पड़ा। आजादी के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है।

9 मई को होगा भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण
पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को प्रस्तावित है। कोलकाता के मशहूर परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह होगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के अलावा 20 राज्यों के एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ भारतीय जनता पार्टी के वरीय नेता भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इससे पहले 8 मई को शाम 4 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक में नेता चुना जाएगा।