logo

सरायकेला : बालिका विद्यालय की छत की कमजोर रेलिंग बनी खतरा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

saraikela_school.jpg

सरायकेला
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत कुकडु स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय लगातार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. बीते दिनों बोरिंग का पाइप फट जाने से विद्यालय में जल संकट उत्पन्न हो गया था, जिसे आनन-फानन में वैकल्पिक व्यवस्था कर दूर किया गया. इसी बीच विद्यालय से एक और बड़ी समस्या की खबर सामने आ रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा या अप्रिय घटना होने की आशंका जताई जा रही है. दरअसल, विद्यालय भवन के बीच में छत खुला डिजाइन में है, चारों तरफ कक्षाएं हैं और बीच का हिस्सा पूरी तरह खुला है. छत के ऊपर मंजिल में सुरक्षा की दृष्टि से ईंट की लगभग 5 इंच की रेलिंग चारों ओर बनाई गई है, लेकिन निम्न गुणवत्ता के कारण छत की रेलिंग पूरी तरह जर्जर हो गई है. कहीं-कहीं दरारें पड़ गई हैं और रेलिंग झुकाव की अवस्था में आ गई है, जिससे कभी भी इसके गिरने से इनकार नहीं किया जा सकता. इससे किसी बड़ी अप्रिय घटना की संभावना बनी हुई है.

अब तक स्कूल प्रबंधन ने कही की कोई ठोस कार्रवाई
इस विषय पर स्कूल प्रबंधन द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिसे प्रबंधन की लापरवाही माना जा सकता है. गौरतलब है कि विद्यालय में लगभग 340 बालिकाएं अध्ययनरत हैं तथा शिक्षिकाएं भी यहां रहती हैं. विभाग से मांग की जा रही है कि इस मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रेलिंग की मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी भी प्रकार का हादसा होने से पहले स्थिति को सुधारा जा सके और छात्राएं सुरक्षित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. वहीं निरीक्षण में पहुंचे प्रभारी अंचल अधिकारी, कुकडु से जब इस विषय पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है. जल्द ही जिला प्रशासन को इस संबंध में कार्रवाई हेतु प्रेषित किया जाएगा और समस्या के समाधान के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे.

 

Tags - Kukdu Jharkhand Seraikela Kharsawan dilapidated railing 340 students school rural school infrastructure