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नदी में डूबने से 3 साल की मासूम की मौत, इलाज से पहले झाड़-फूंक में गंवाया समय

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पश्चिमी सिंहभूम
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र स्थित तांतनगर ओपी क्षेत्र के छोटा तेंताडा गांव में शनिवार को तीन वर्षीय बच्ची की नदी में डूबने से मौत हो गयी. मृत बच्ची की पहचान संगीता सिरका के रूप में हुई है. घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में आपात स्थिति के दौरान अंधविश्वास और चिकित्सा सुविधाओं तक देर से पहुंचने की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है.
खेलते-खेलते नदी में डूबी बच्ची
जानकारी के अनुसार, संगीता गांव के अन्य बच्चों के साथ खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंच गयी थी. वहां कुछ बच्चे नदी में नहा रहे थे. उन्हें देखकर वह भी पानी में उतर गयी. खेल के दौरान वह अनजाने में गहरे पानी की ओर चली गयी और डूबने लगी. आसपास मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद उसकी भाभी दौड़कर मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद बच्ची को पानी से बाहर निकाला. उस समय तक वह अचेत हो चुकी थी.
घटना के बाद झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े परिजन
घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गयी, लेकिन बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया गया. ग्रामीणों के मुताबिक काफी देर तक ओझा-गुनी के जरिए उसे होश में लाने की कोशिश होती रही. जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तब देर शाम उसे सदर अस्पताल चाईबासा लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया.
समय रहते अस्पताल पहुंचने से बच सकती थी जान
चिकित्सकों का कहना है कि डूबने के मामलों में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचने से कई बार जान बचायी जा सकती है. इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण होने वाली देरी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

 

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