द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिले के श्री रामडीह गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने अपने आक्रोश को आज जुलूस के रूप में व्यक्त किया। महिलाओं और पुरुषों सहित पूरा गांव सड़कों पर उतर आया और विशाल जुलूस निकालकर सरिया नगर पंचायत के आगामी चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया। ग्रामीणों ने जोर-शोर से नारे लगाते हुए प्रशासन को कड़ा संदेश दिया: "न रास्ता, न विकास… तो न वोट!"
ग्रामीणों के आक्रोश के मुख्य कारण स्पष्ट हैं। गांव से सरिया बाजार स्थित नगर पंचायत मुख्यालय तक केवल 5 किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद कोई पक्का रास्ता नहीं है। आने-जाने के लिए कोई सुविधाजनक मार्ग न होने के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी कठिन हो गई है। इसके अलावा, गरीब ग्रामीणों के मिट्टी के मकानों पर हजारों रुपये का होल्डिंग टैक्स लगाया जाना भी गुस्से का बड़ा कारण है, जबकि वे केवल मजदूरी और खेती से अपना गुजारा करते हैं। ग्रामीण कहते हैं: "हम कमाने-खाने वाले गरीब लोग हैं, इतना भारी टैक्स कहां से दें?" पूरे गांव में जुलूस निकालने और भ्रमण करने के बाद ग्रामीणों ने एक स्वर में फैसला सुनाया: "जब तक बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक एक भी वोट नहीं!" यह घटना स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। अब देखना यह है कि विकास की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए श्री रामडीह के ग्रामीणों की पुकार सुनी जाएगी या नहीं।
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