द फॉलोअप, रांची
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने हाल में जेपीएससी द्वारा संचालित कतिपय प्रतियोगी परीक्षाओं में त्रुटियों, गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को लेकर सख्त कदम उठाया है। राज्यपाल ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और त्रुटियों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए जेपीएससी को कड़ा पत्र लिखा है। आयोग के अध्यक्ष एलबी खियांग्ते को लिखे पत्र में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है। राज्यपाल ने कहा है कि सहायक वन संरक्षक की मुख्य परीक्षा तथा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्रों में त्रुटियों एवं प्रारंभिक रूप से जारी उत्तर-कुंजी में गलत उत्तरों के संबंध में विभिन्न माध्यमों से तथ्य प्रकाश में आए हैं। इस प्रकार की त्रुटियाँ न केवल अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करती हैं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। ऐसे मामले आयोग की साख पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हैं, जो कि अत्यंत ही चिंताजनक है।

राज्यपाल ने आयोग को निदेशित किया है कि उक्त प्रकरणों की समुचित जाँच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकने हेतु परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक सुधारात्मक एवं सतर्कतापूर्ण उपाय अपनाने का सख्त निर्देश दिया है। राज्यपाल ने अपेक्षा व्यक्त की है कि आयोग पारदर्शिता, शुचिता एवं उच्च मानकों को बनाए रखते हुए परीक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करे, जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास सुदृढ़ हो सके। यहां मालूम हो कि राज्यपाल संवैधानिक संस्था जेपीएससी का राज्य में सर्वेसर्वा होते हैं। लेकिन हाल के दिनों में जेपीएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और त्रुटियों से अभ्यर्थियों में भारी निराशा, असंतोष और आक्रोश है। लगातार त्रुटि और गड़बड़ी से जेपीएससी के साथ साथ झारखंड सरकार की साख पर भी सवाल खड़ा हुआ है।
