द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा के बमनडीहा गांव में दूषित पानी पीने की मजबूरी और "उधार लेकर साफ पानी पीने" की समस्या पर ‘द फॉलोअप’ द्वारा प्रमुखता से खबर दिखाए जाने का बड़ा असर हुआ है। खबर प्रसारित होने के मात्र 4 घंटे के भीतर ही जिला प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED) सक्रिय हो गया और गांव में खराब पड़े चापाकल की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया। सोमवार को ‘द फॉलोअप’ की टीम ने जामताड़ा प्रखंड के बरजोरा पंचायत अंतर्गत बमनडीहा गांव की जमीनी हकीकत दिखाई थी। यहां के ग्रामीण सालों से जोरिया और डोभा का दूषित पानी पीने को मजबूर थे। स्थिति इतनी विकट थी कि ग्रामीणों को पीने के साफ पानी के लिए दूसरों पर आश्रित रहना पड़ता था।
प्रशासन ने खबर का संज्ञान लेते हुए तुरंत मिस्त्री को गांव भेजा, जो अब खराब चापाकल को ठीक करने में जुट गए हैं। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "हमने उम्मीद छोड़ दी थी कि कभी यह चापाकल ठीक होगा। सालों से हम इस समस्या को झेल रहे थे, लेकिन ‘द फॉलोअप’ की टीम ने हमारी आवाज उठाई और आज काम शुरू हो गया।" चापाकल मरम्मत से राहत मिलने के साथ ही ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से एक और महत्वपूर्ण मांग की है। उनका कहना है कि अन्य विकसित गांवों की तर्ज पर बमनडीहा में भी सोलर आधारित जलापूर्ति प्रणाली स्थापित की जाए, ताकि भविष्य में पानी का संकट स्थायी रूप से खत्म हो सके।
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