द फॉलोअप डेस्क, रांची:
Jharkhand News: स्वर्गीय रूपी सोरेन (Lt. Rupi Soren) की अस्थियां रजरप्पा के दामोदर नदी (Damodar River) में प्रवाहित हो गई। सीएम हेमंत (Hemant Soren) ने अश्रुपूर्ण नेत्रों के साथ रस्में निभाईं। दामोदर नदी के जाड़ बाहा तुपुनाई घाट पर संताली रीति-रिवाज के मुताबिक अस्थि विसर्जन की रस्में पूरी की गईं। सीएम हेमंत के अलावा इस दौरान उनके परिजन और गांव वाले भी थे। अस्थि विसर्जन की रस्में घाट प्रगणक जगेश्वर सोरेन, प्राणिक वीरेंद्र मुर्मू, संरक्षक महावीर मुर्मू, कमल सोरेन और महेश मुर्मू की देखरेख में संपन्न कराया गया। रूपी सोरेन के निधन के बाद सीएम हेमंत के पैतृक गांव नेमरा में स्थानीय पारंपरिक रीति-रिवाजों के मुताबिक सभी धार्मिक रस्मों का निर्वहन किया गया।

7 अक्टूबर को हिल व्यू अस्पताल में निधन
गौरतलब है कि रूपी सोरेन का निधन 7 अक्टूबर को रांची के हिल व्यू अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया था। रूपी सोरेन उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के अलावा हृदय और ब्रेन संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। हिल व्यू अस्पताल में उन्हें पेसमेकर भी लगाया गया था, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इससे पहले उन्हें इलाज के लिए हैदराबाद ले जाया गया था। हालत में सुधार होने पर रांची वापस लाया गया, लेकिन फिर उनकी तबीयत बिगड़ गई। गौरतलब है कि रूपी सोरेन मूलरूप से सरायकेला-खऱसावां जिला अंतर्गत चांडिल की रहने वाली थीं। दिशोम गुरु शिबू सोरेन से विवाह होने के बाद वह नेमरा आईं।

8 अक्टूबर को नेमरा में हुआ अंतिम संस्कार
निधन के बाद 8 अक्टूबर को नेमरा गांव में रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार किया गया। बेटे हेमंत सोरेन ने उनको मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के पश्चात सीएम हेमंत अगले 10-12 दिनों तक नेमरा में ही रुके और रस्मों का निर्वहन किया। 18 अक्टूबर को नेमरा में रूपी सोरेन के संस्कार भोजन में लाखों लोग जुटे। योग गुरु बाबा रामदेव और राज्यपाल संतोष गंगवार के अलावा कई मंत्री, विधायक, सांसद और विपक्ष के नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।