रांची
राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के कोर सदस्य और CGL मामले में FIR करने वाले छात्र राजेश प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों से बातचीत करने और उनकी मांगों को मानने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र किसी तरह का पुतला दहन या मुख्यमंत्री आवास का घेराव नहीं करना चाहते हैं। छात्र विशुद्ध रूप से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार जल्द उनसे बातचीत करे। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भरोसा जताते हुए परीक्षा धांधली में अब तक हुई कार्रवाई की तारीफ की।

अपनी पढ़ाई करना चाहते हैं छात्र
राजेश प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री से हाथ जोड़कर निवेदन है कि छात्रों से बातचीत करें और उनकी मांगों को मान लें। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय वापस जाकर अपनी पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार छात्रों की मांगों को मान लेती है, तो इसका पूरा श्रेय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया जाएगा। छात्र नेता ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अपनी पढ़ाई है और सरकार के साथ बातचीत के जरिए मामले का समाधान चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने सरकार से जल्द पहल करने की अपील की।
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कुछ लोग छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर करना चाहते हैं राजनीति
उन्होंने कोचिंग संचालक कुणाल प्रताप सिंह का नाम लेते हुए कहा कि जब हम लोगों ने आंदोलन खड़ा कर दिया तो वह छात्रों का मसीहा बनना चाहते हैं जबकि CGL का रिज़ल्ट निकलने के बाद छह महीना तक उनके मुंह से आवाज़ नहीं निकल रही थी। जबकि मैं लगातार लड़ रहा हूँ। प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने से रोकने के सवाल पर राजेश प्रसाद ने कहा कि कुणाल प्रताप सिंह कौन होते हैं मुझे रोकने वाले। मैं छात्र हूं। मैंने दो साल CID, पुलिस और कोर्ट को झेला है। उसने तो सिर्फ़ चेहरा चमकाया है। कहा कि कुछ लोग छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना चाहते हैं।
