रांची
राज्य के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान रिम्स, रांची के निदेशक और स्वास्थ्य मंत्री के बीच बढ़ते विवाद को लेकर अब सियासी हस्तक्षेप भी तेज हो गया है। इसी कड़ी में वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट कर पूरे प्रकरण को लेकर संयम बरतने की सलाह दी है।
सरयू राय ने कहा कि रिम्स निदेशक को हटाने की जो मुहिम चल रही है, उसका संदेश राज्यहित में नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से आग्रह किया है कि इस प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और स्थानीय सांसदों एवं विधायकों की राय को महत्व दिया जाए। राय ने लिखा– “बेबात की बात को दूर तक ले जाना व्यवहारिक नहीं है। यदि कोई अनियमितता है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई जरूर होनी चाहिए, लेकिन मकड़जाल में फँसने से बचना चाहिए।”

कोर्ट की शरण में निदेशक
बता दें कि निदेशक डॉ. राजकुमार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बीच का विवाद अब न्यायिक मोड़ ले चुका है। मंत्री द्वारा भेजे गए शोकॉज नोटिस को डॉ. राजकुमार ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नोटिस दुर्भावनापूर्ण है और उन्हें पद से हटाने की साजिश का हिस्सा है।
याचिका में डॉ. राजकुमार ने कहा कि जिन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है, वे सभी कार्य रिम्स की नियमावली और शासी परिषद के निर्णयों के तहत किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोप सिद्ध हो जाएं, तो वे खुद इस्तीफा दे देंगे। साथ ही उन्होंने यह अपील की है कि जब तक कोर्ट में मामला लंबित है, उनके खिलाफ कोई अग्रिम कार्रवाई न की जाए।

समर्थन मुहिम को झटका
डॉ. अंसारी ने निदेशक को हटाने के लिए शासी परिषद के सदस्यों से समर्थन जुटाने की कोशिश की, लेकिन कांके विधायक सुरेश बैठा ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट पहले ही निदेशक के पक्ष में निर्णय दे चुका है, इसलिए वे कोर्ट के खिलाफ नहीं जा सकते। गौरतलब है कि यह विवाद अप्रैल में शुरू हुआ, जब शासी परिषद की बैठक में डॉ. राजकुमार और तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के बीच तीखी बहस हुई थी। इसके बाद मंत्री ने उन्हें हटाने का आदेश जारी किया, जिसे अदालत ने फिलहाल खारिज कर दिया है। अब जब मामला अदालत में है, तो सरयू राय की अपील ने इस विवाद को और गंभीर राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना दिया है।
