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राजनगर CHC में इनवर्टर-जनरेटर का नहीं हुआ इस्तेमाल, मोबाइल टॉर्च से हुआ प्रसव; जच्चा-बच्चा की मौत

राजनगर CHC में इनवर्टर-जनरेटर का नहीं हुआ इस्तेमाल, मोबाइल टॉर्च से हुआ प्रसव; जच्चा-बच्चा की मौत

सरायकेला
सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराने की कोशिश के दौरान मां और नवजात की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, समय पर उचित रोशनी और संसाधन नहीं मिलने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त नितीश कुमार सिंह के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच कराई गई। अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच में सामने आया कि अस्पताल में सोलर सिस्टम, इन्वर्टर और जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं मौजूद थीं, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया गया।


बंद पड़ा जनरेटर, चार्ज नहीं थीं बैटरियां
जांच के दौरान पाया गया कि सोलर सिस्टम और इन्वर्टर की बैटरियां चार्ज नहीं थीं, जबकि जनरेटर लंबे समय से खराब पड़ा था। सबसे गंभीर बात यह रही कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिवशंकर कुंकल मौके पर अनुपस्थित मिले। इस पर एसडीओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से अलग से पूछताछ करने की बात कही है।


प्रशासन सख्त, कार्रवाई तय
एसडीओ अभिनव प्रकाश ने स्पष्ट कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था होते हुए उसका उपयोग नहीं करना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने जनरेटर के रखरखाव और डीजल खर्च की जांच के निर्देश भी दिए। जांच टीम में बीडीओ, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह और अन्य वरिष्ठ चिकित्सक शामिल थे। प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और विस्तृत रिपोर्ट जल्द उपायुक्त को सौंपी जाएगी।

 

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