रामगढ़:
चुट्टूपालू घाटी में आए दिन बढ़ती दुर्घटनाओं की संख्या अब चर्चा का विषय बन चुकी है। लगातार हो रहे हादसों से लोगों में डर का माहौल बनता जा रहा है। दरअसल, रामगढ़ की चुट्टूपालू घाटी एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बनी है। रांची से हजारीबाग की ओर जा रहा सरिया लदा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेलर पर लदा सरिया उसके नीचे दब गया, जिसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद सरिया हटाकर दोनों शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

घटना की पूरी जानकारी
जानकारी के अनुसार, ट्रेलर रांची की ओर से सरिया लेकर हजारीबाग की तरफ जा रहा था। चुट्टूपालू घाटी में वन विभाग के रेस्ट हाउस के सामने पहुंचते ही ट्रेलर अनियंत्रित हो गया। चालक ने सड़क किनारे वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन ट्रेलर सड़क से उतरकर करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उस पर सवार दोनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद रामगढ़ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। ट्रेलर में लदे भारी मात्रा में सरिया के नीचे दोनों लोग दबे हुए थे। पुलिस और राहत दल ने काफी मशक्कत के बाद सरिया हटाकर दोनों शवों को बाहर निकाला। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।
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घाटी में आए दिन हो रहे हादसे
रामगढ़ थाना के एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि चुट्टूपालू घाटी में तीखी ढलान होने के कारण यहां अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर सरिया हटाने का काम जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं गड्ढे में कोई अन्य व्यक्ति तो नहीं दबा है। चुट्टूपालू घाटी में लगातार हो रहे हादसों के बीच सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि दुर्घटना संभावित इस इलाके में पर्याप्त और स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार और नाली पर सवाल
आरोप है कि सड़क किनारे सुरक्षा के लिए दीवार तो बनाई गई, लेकिन इसी दौरान पानी की निकासी के लिए बनी नाली को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बनावट और सुरक्षा व्यवस्था के कारण अनियंत्रित बड़े वाहन दीवार से टकराने के बाद दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं और कई बार आसपास चल रही छोटी गाड़ियां भी इसकी चपेट में आ जाती हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में चुट्टूपालू घाटी क्षेत्र में हुए हादसों में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने एक बार फिर इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।