द फॉलोअप, दुमका
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज दुमका में झंडोत्तोलन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसान, महिला सशक्तीकरण और सुशासन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और झारखंड के वीर नायकों को नमन करते हुए युवाओं से विकसित झारखंड और विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी की अपील की।

प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि प्रश्न-पत्र लीक, कदाचार और किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने राज्य सरकार से परीक्षा व्यवस्था की कमियों की समीक्षा कर उन्हें दूर करने और अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाने की अपेक्षा जताई। अंत में राज्यपाल ने युवाओं से अपनी ऊर्जा, तकनीक, नए विचार और साहस का इस्तेमाल राज्य और देश के विकास में करने की अपील की। उन्होंने बेटियों, आदिवासी और वंचित समाज के विकास को प्राथमिकता देने तथा युवाओं की प्रतिभा और मेहनत को सम्मान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की गई। राज्यपाल ने स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस को देश के स्वाभिमान, संघर्ष, त्याग और स्वतंत्रता का प्रतीक बताया। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई समेत स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, तिलका मांझी और नीलांबर-पीतांबर सहित झारखंड के वीरों के योगदान को याद किया। बिरसा मुंडा के ‘उलगुलान’ को जल, जंगल और जमीन के साथ झारखंड की पहचान और संस्कृति की रक्षा का संदेश बताया।

संविधान और लोकतंत्र पर जोर, विकसित भारत पर जोर
राज्यपाल ने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि संविधान ने लोकतंत्र, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों को आधार दिया है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर लोकतंत्र को मजबूत करने की बात कही। संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष, शिक्षा, खेल, उद्योग और डिजिटल विकास में देश की प्रगति की बात कही गई।

शिक्षा को बताया प्राथमिकता
राज्यपाल ने शिक्षा को व्यक्ति के सर्वांगीण विकास और बेहतर जीवन का आधार बताया। उन्होंने विद्यालयों में पुस्तकालय, डिजिटल उपकरण और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं के विकास का उल्लेख किया। ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम-उल्लास’ के तहत करीब 10 लाख निरक्षरों को साक्षर किए जाने की जानकारी दी। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर देते हुए विश्वविद्यालयों को ज्ञान, शोध, नवाचार और चरित्र निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। मांकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना के तहत तकनीकी पाठ्यक्रमों के छात्रों को सालाना 25 हजार और डिप्लोमा छात्रों को 15 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दिए जाने का उल्लेख किया। राज्यपाल ने कहा कि रोजगार को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। निजी क्षेत्र, उद्योग, कृषि, पर्यटन, सेवा क्षेत्र और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की बात कही। युवाओं को स्टार्टअप, स्वरोजगार और छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का उल्लेख किया।

स्वास्थ्य सुविधा और किसानों पर जोर
राज्यपाल ने RIMS-2 के निर्माण और छह नए मेडिकल कॉलेजों की दिशा में चल रही कार्रवाई की जानकारी दी। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही। राज्यपाल ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान अधिप्राप्ति व्यवस्था मजबूत की जा रही है। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में करीब 5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का उल्लेख किया गया। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 81 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने की भी जानकारी दी।

निवेश और उद्योग को बढ़ावा
नई दिल्ली में आयोजित National Stakeholders Consultation का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि उद्योग, पर्यटन, IT, AI, आधारभूत संरचना और कौशल विकास के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई। कई औद्योगिक समूहों के साथ 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए 10 MoUs पर हस्ताक्षर की जानकारी दी गई।

पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण तथा मंईयां सम्मान योजना
राज्यपाल ने झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, जंगल, पहाड़, झरने और धार्मिक स्थलों को पर्यटन की बड़ी ताकत बताया। इको-टूरिज्म के तहत 13 स्थानों पर पार्क विकसित करने और साहेबगंज के मंडरो फॉसिल्स पार्क में छात्रावास निर्माण का उल्लेख किया। उन्होंने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर जोर दिया। ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के जरिए महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव का उल्लेख किया गया। साथ ही ग्राम सभाओं, पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल व्यवस्था के जरिए सुशासन को मजबूत करने पर जोर दिया गया। संबोधन में सोहराय-कोहबर चित्रकला, डोकरा कला, लाह और तसर रेशम जैसे स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर जोर दिया गया। शिल्पकारों को प्रशिक्षण, बाजार और वित्तीय सहायता देने की बात कही गई।
