रांची
आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले जामताड़ा में वरिष्ठ झारखंड आंदोलनकारी एवं प्राचीन कोल आदिवासी कल्याण समिति के केंद्रीय अध्यक्ष उमानाथ कोल की सड़क दुर्घटना के बाद इलाज के अभाव में मौत दुर्भाग्यपूर्ण है और उनकी मौत के लिए मंत्री इरफान अंसारी जिम्मेवार हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की बजाय बयानबाजी में लगे रहते हैं। जामताड़ा जिले समेत पूरे राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत बदतर हो गई है।

न डॉक्टर मिले और न ही एंबुलेंस
प्रभाकर ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल वयोवृद्ध आंदोलनकारी उमानाथ कोल को जब फतेहपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया तो वहां न डॉक्टर मिले और न ही एंबुलेंस। उन्हें जामताड़ा रेफर कर दिया गया। इसके बाद रास्ते में उनकी मौत हो गई। इससे दो दिन पूर्व उचित चिकित्सा के अभाव में जामताड़ा सदर अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हो गई, जिसका पर्दाफाश करने पर इरफान अंसारी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे करवाए। प्रभाकर ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी अपने जिले में ही स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने में विफल रहे हैं, जिसके कारण आम जनता में आक्रोश है। जिले में स्पीकर रवींद्र नाथ महतो के नाला विधानसभा में भी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सिर्फ़ बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन धरातल पर कार्य नहीं दिख रहा।
