द फॉलोअप रांची
कैडर रिव्यू कमेटी को भंग करने की मांग को लेकर झारखंड सचिवालय सेवा संघ के सदस्यों ने आज प्रोजेक्ट भवन परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। मानव श्रृंखला बनाकर अपनी भावना का इजहार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रोजेक्ट भवन में उपस्थित थे। इस क्रम में मांगों को लेकर संघ के अध्यक्ष रितेश कुमार और महासचिव राजेश कुमार सिंह की मंत्री सुदिव्य सोनू और इरफान अंसारी के साथ लंबी बैठक हुई। इसमें कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो भी शामिल हुए। बैठक में कार्मिक सचिव ने कैडेर रिव्यू कमेटी को भंग करने से साफ-साफ इनकार कर दिया। आपसी बातचीत के क्रम में यह तय हुआ कि कमेटी में अब संघ के भी अध्यक्ष और महासचिव शामिल किए जाएंगे। कमेटी अपनी रिपोर्ट दोनों मंत्रियों को सौंपेगी। मंत्री के स्तर पर कमेटी की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद उसे मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा।

रिपोर्ट देने के लिए 3 महीने का समय
कार्मिक विभाग सीधे तौर पर अपना कोई निर्णय नहीं लेगा। कमेटी को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। वार्ता के बाद यह जानकारी संघ के अध्यक्ष और महासचिव ने सचिवालय सेवा के कर्मियों को दी। रितेश कुमार ने कहा कि संघ पद संरचना में किसी प्रकार का बदलाव बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर ऐसा किया गया तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं आंदोलन और कार्य बहिष्कार किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि केवल सचिवालय सेवा का ही कैडेट रिव्यू क्यों, का कार्मिक सचिव की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने वार्ता की उपलब्धियां को रेखांकित करते हुए कहा कि पद सृजन संबंधी संचिका जो कार्मिक सचिव के पास दबी थी वह निकालकर पहली बार सरकार के समक्ष अर्थात मंत्री संदीप सोनू और इरफान अंसारी के समक्ष निकलकर आई। बातचीत में यह स्पष्ट किया गया कि कार्मिक सचिव अपने स्तर से अब कोई निर्णय नहीं लेंगे।
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