रांची
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाक़ात की। इस दौरान बरही के पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला भी मौजूद थे।
मुलाकात में डॉ. अंसारी ने वेणुगोपाल को बताया कि पासमांदा अल्पसंख्यक समाज अब भी गंभीर उपेक्षा का शिकार है, और उनकी समस्याओं पर न तो सरकारों ने ध्यान दिया है और न ही राजनीतिक दलों ने। यही कारण है कि यह वर्ग धीरे-धीरे कांग्रेस से भी दूर होता गया है। उन्होंने आग्रह किया कि अब इस समाज को एकजुट करना और पार्टी से फिर से जोड़ना ज़रूरी है। इस पर वेणुगोपाल ने सहमति जताई और भरोसा दिया कि संसद सत्र के बाद वे रांची आएंगे और प्रस्तावित पासमांदा, बुनकर एवं अल्पसंख्यक महासम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

बैठक में झारखंड कांग्रेस संगठन की मौजूदा स्थिति, संगठनात्मक सुदृढ़ता और सरकार की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। डॉ. अंसारी ने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि—
• राज्य में छह नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
• 4000 करोड़ रुपये की लागत से ‘मेडिको सिटी’ का निर्माण जल्द शुरू होगा।
• रांची में बहुप्रतीक्षित रिम्स-2 का सपना भी अब जल्द साकार होने वाला है। इसका उद्घाटन सोनिया गांधी और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के हाथों कराए जाने की योजना है।

वेणुगोपाल ने डॉ. अंसारी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा, “आपका समर्पण, ऊर्जा और ज़मीनी जुड़ाव कांग्रेस के लिए मूल्यवान है। इसी भावना से आगे बढ़ते रहिए, संगठन को आपकी तरह के नेतृत्व की ज़रूरत है।”
उन्होंने झारखंड सरकार के अन्य कांग्रेस मंत्रियों की गतिविधियों की जानकारी भी ली, जिस पर डॉ. अंसारी ने बताया कि सभी मंत्री सक्रिय हैं, जनता के बीच लगातार संवाद बनाए हुए हैं और कार्यकर्ताओं में संगठन और सरकार को लेकर गहरी ऊर्जा है। डॉ. अंसारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी झारखंड में प्रभारी के. राजू और सह प्रभारी बेला प्रसाद के नेतृत्व में एकजुटता और जोश के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि संगठन और सरकार मिलकर झारखंड को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे और कांग्रेस एक बार फिर राज्य की जनता की पहली पसंद बनेगी।
