गिरिडीह
गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में एचएन कंस्ट्रक्शन कंपनी के मुंशी मंजेश कुमार के अपहरण और हत्या मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे में उद्भेदन किया है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर मंजेश कुमार का शव बिहार के जमुई जिले के चिहरा थाना क्षेत्र स्थित पिपरातरी जंगल से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, मंजेश कुमार का कंपनी में काम और खर्चों को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा था।
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डीजल चोरी रोकने और कामकाज में हस्तक्षेप को लेकर हुए विवाद
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मंजेश कुमार कंपनी में कथित डीजल चोरी को रोकने का प्रयास कर रहे थे। इसी बात को लेकर उनका कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर उपेन्द्र चौधरी समेत कुछ लोगों से विवाद हुआ था। पुलिस को आशंका है कि डीजल चोरी रोकने और कामकाज में हस्तक्षेप को लेकर हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया और इसी के चलते मंजेश की हत्या की गई। 6 सितंबर को खटपोंक स्थित बाघमारी मोड़ के पास से मंजेश के अपहरण की सूचना मिली थी। भाई गौतम कुमार के आवेदन पर तिसरी थाना कांड संख्या 77/26 दर्ज किया गया।

जंगल से शव बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. विमल कुमार ने खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में SIT गठित की। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों इम्तियाज अंसारी, शिव कुमार, पिंटू कुमार यादव और राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर जंगल से शव बरामद किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, खून लगा पत्थर, लकड़ी का डंडा और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस हत्या की पूरी साजिश, डीजल चोरी से जुड़े विवाद और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।