जमशेदपुर:
जमशेदपुर के भुइयांडीह क्षेत्र में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रभावित परिवारों की चिंता के बीच जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने जिला प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। एनजीटी के आदेश के अनुपालन में प्रशासन द्वारा मानगो और सीतारामडेरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की तैयारी के बीच बुधवार को विधायक ने भुइयांडीह के कल्याण नगर और इंद्रानगर के प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
प्रभावित परिवारों ने विधायक को बताया कि बरसात के मौसम में यदि उनके घरों पर कार्रवाई की जाती है तो महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने पुनर्वास की व्यवस्था होने तक किसी भी कार्रवाई को रोकने की मांग की।

विधायक पूर्णिमा साहू ने उपायुक्त से की बात
परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विधायक पूर्णिमा साहू ने तत्काल उपायुक्त राजीव रंजन से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के बीच किसी भी गरीब परिवार का आशियाना उजाड़ना उचित नहीं होगा। प्रशासन को पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, इसके बाद ही किसी कार्रवाई पर विचार किया जाना चाहिए।
विधायक ने उपायुक्त से आग्रह किया कि नोटिस प्राप्त 145 परिवारों के दस्तावेजों का शीघ्र सत्यापन कराया जाए और पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर सम्मानजनक पुनर्वास की दिशा में पहल की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीबों को आवास उपलब्ध कराना है, ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए लोगों को बेघर करना उचित नहीं होगा।

मामले का व्यावहारिक समाधान निकालें
उन्होंने अंचल अधिकारी और जमशेदपुर अक्षेस के नगर आयुक्त के साथ बैठक कर इस मामले का व्यावहारिक समाधान निकालने का भी आग्रह किया। विधायक ने कहा कि प्रशासन को ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे न्यायालय के निर्देशों का पालन भी हो और वर्षों से रह रहे परिवारों के जीवन व आजीविका पर संकट भी उत्पन्न न हो। इससे पहले विधायक ने प्रभावित परिवारों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को उपायुक्त से मुलाकात के लिए भेजा, ताकि प्रशासन उनकी समस्याओं से सीधे अवगत हो सके।

बुधवार शाम को भुइयांडीह पहुंची थीं विधायक
बता दें कि बुधवार शाम विधायक पूर्णिमा साहू स्वयं भुइयांडीह के कल्याण नगर और इंद्रानगर नदी किनारे मुर्गापाड़ा क्षेत्र पहुंचीं और प्रभावित 145 परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बरसात के समय किसी भी गरीब परिवार को बेघर करना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन से कार्रवाई स्थगित कर पहले पुनर्वास सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
विधायक ने कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर ठोस समाधान नहीं निकलता है तो वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएंगी और प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास की मांग करेंगी।