गिरिडीह:
गांडेय से झारखंड मुक्ति मोर्चा की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने झारखंड में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। कल्पना मुर्मू सोरेन ने गिरिडीह के उत्सव उपवन सभागार में आयोजित बीएलए-2 के एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सह बूथ सम्मेलन कार्यक्रम में कहा कि एसआईआर में महिलाओं को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि महिलाओं को बहू के रूप में मायके से ससुराल आना होता है और उसी प्रकार बेटी को भी दूसरी जगह जाना होता है, इसलिए बूथ कमेी अपने बूथ की महिलाओं के जरूरी दस्तावेज अभी से तैयार करवा लें।
उन्होंने बीएलए-2 और कार्यकर्ताओं से कहा कि सही नाम कटना नहीं चाहिए और फर्जी नाम जुड़ना नहीं चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ लेवल पर पूरी तैयारी करने की बात कही।

सुदिव्य सोनू ने एसआईआर को जंग बताया
हेमंत कैबिनेट में नगर विकास मंत्री और झामुमो के वरीय नेता सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि एक भी वोट कटे नहीं, यह बीएलए-2 और बूथ कमेटी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एसआईआर रूपी जंग को भी झारखंड मुक्ति मोर्चा जीतेगी। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल पर इसकी तैयारी चल रही है।
कार्यकर्ताओं को नेताओं से मिली नसीहत
झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि एसआईआर को लेकर झामुमो गंभीर है। इस प्रक्रिया में बूथ कमिटी से लेकर केंद्रीय कमिटी तक पदाधिकारियों की पैनी नजर है। राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद ने कहा कि एसआईआर को लेकर सभी सतर्क रहें। यदि कोई परेशानी होती है तो वरीय पदाधिकारियों से तुरंत संपर्क कीजिए। जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि एसआईआर को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं को लगातार ट्रेनिंग दी जा रही है। धनवार के पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी ने कहा कि एसआईर में अल्पसंख्यकों को विशेष ध्यान देने की आवश्यक्ता है।

अगस्त 2025 में एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव
गौरतलब है कि झारखंड में 30 जून से एसआईआर शुरू हो रहा है। इसे लेकर सियासी हलचल भी तेज है। झारखंड मुक्ति मोर्चा पहले ही एसआईआर को लेकर अपना विरोध जता चुकी है। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में झारखंड मुक्ति मोर्चा की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार झारखंड विधानसभा में एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव ला चुकी है। तब महागठबंधन ने इसे संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करार देते हुए नागरिकों को मताधिकार से वंचित करने वाला बताया था।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी कहती है कि एसआईआर केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से की जाने वाली जरूरी प्रक्रिया है और इससे घुसपैठ रूकेगा।

कल्पना मुर्मू के बयान से सियासत हुई तेज
एसआईआर को लेकर गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन के ताजा बयान से झारखंड की सियासी हलचल तेज हो गई है। कल्पना मुर्मू सोरेन ने जब से सियासत में कदम रखा है, उनके बयानों को बड़े गौर से पढ़ा और सुना जाता है। उन्होंने रविवार को एसआईआर में महिलाओं को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को साफ निर्देश दिया है कि ब्याह कर आने वाली और शादी करके जाने वाली महिलाओं का नाम एसआईआर प्रक्रिया में छूट सकता है, इसलिए उनके दस्तावेजों को जमा करके रिकॉर्ड रख लें और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने में उनकी सहायता करें।
अप्रैल 2026 में रांची में हुई थी बड़ी बैठक
एसआईआर को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा काफी सतर्क है। 21 और 22 अप्रैल को रांची में बड़ी बैठक का आयोजन हो चुका है। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल हुये। पार्टी के पदाधिकारियों का मानना है कि एसआईआर को लेकर पार्टी बंगाल और बिहार के उदाहरणों से सबक लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रहा है।
अप्रैल में सीएम हाउस में अलग-अलग जिलों से आए पार्टी के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे एसआईआर की प्रक्रिया पर कड़ी निगाह रखें और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दें।