द फॉलोअप डेस्क
गोड्डा स्थित स्टेट होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज को इस साल BHMS (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) के पहले वर्ष में नामांकन की अनुमति नहीं दी गई है। यह फैसला देशभर के होम्योपैथिक कॉलेजों की मान्यता और मूल्यांकन करने वाली केंद्रीय संस्था होम्योपैथी चिकित्सा आंकलन एवं रेटिंग बोर्ड (MARBH) ने लिया है। कॉलेज प्राचार्य ने EWS कोटे सहित कुल 63 सीटों पर दाखिले की अनुमति मांगी थी, लेकिन बोर्ड ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसकी औपचारिक जानकारी MARBH के अध्यक्ष ने कॉलेज प्राचार्य को पत्र भेजकर दी है।
MARBH की टीम ने 24 और 25 जून 2025 को कॉलेज का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कई खामियां सामने आईं, जिनमें सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की भारी कमी रही। एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, मेडिसिन, फार्मेसी, गायनी, सर्जरी और होम्योपैथिक विषयों सहित कुल 31 फैकल्टी नहीं पाए गए। कॉलेज से जुड़े अस्पताल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। रिपोर्ट में बताया गया कि X-ray मशीन, केजुअल्टी रूम और लेबर रूम जैसी बुनियादी सुविधाएं चालू हालत में नहीं थीं। इसके अलावा, अस्पताल स्टाफ की भी भारी कमी पाई गई। 
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे और स्टाफ की कमी के कारण फिलहाल कॉलेज को 2025-26 के शैक्षणिक सत्र के लिए नामांकन की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह फैसला झारखंड में होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह राज्य का इकलौता सरकारी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज है।
