द फॉलोअप डेस्क
झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 1 जुलाई 2025 को पारित आदेश के अनुरूप झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने आज झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन निगम के अंतर्गत कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान एवं समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने की मांगों को लेकर सौंपा गया।
संघ के अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि झारखंड ऊर्जा विकास निगम में वर्षों से कार्यरत तकनीकी और गैर-तकनीकी श्रमिकों को अब तक न तो न्यूनतम वेतनमान मिल रहा है। और न ही संविधान प्रदत्त "समान कार्य के लिए समान वेतन" के सिद्धांत का पालन हो रहा है। उन्होंने इसे न्यायालय की भावना और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया।
इस ज्ञापन में मुख्यतः 6 बिंदुओं को प्रमुखता दी गई:

राय ने कहा कि संघ न्यायालय के आदेश को केवल कानूनी पहलू नहीं, बल्कि श्रमिकों के जीवन, गरिमा और अधिकारों से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा मानता है। यदि निगम प्रशासन इस दिशा में शीघ्र और न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं करता है, तो संघ राज्यव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा।
ज्ञापन अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक की अनुपस्थिति में उनके कार्यालय में अधिकृत अधिकारी को सौंपा गया। संघ ने आशा व्यक्त की है कि निगम सकारात्मक निर्णय लेकर न्यायालय के आदेशों का सम्मान करेगा और आउटसोर्स कर्मियों को उनका वाजिब हक प्रदान करेगा।