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Budget Session 2022 : अभी तक बेरोजगारी भत्ता का मापदंड ही तय नहीं कर सकी सरकार, युवाओं को छला गया: विनोद सिंह

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रांची: 

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवे दिन बगोदर विधानसभा क्षेत्र से माले विधायक विनोद सिंह ने बेरोजगारी के मसले पर सरकार को घेरा। माले विधायक ने कहा कि झारखंड सरकार ने स्नातक पास बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा पिछले बजट सत्र में की थी लेकिन अभी तक इसका मापदंड ही तय नहीं कर पाई है। 

बेरोजगारी का मापदंड ही तय नहीं है
दरअसल, विधानसभा में माले विधायक विनोद सिंह द्वारा पूछे गए अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने बताया था कि सरकार ने अभी तक बेरोजगारी भत्ता देने के मापदंड को अंतिम रूप नहीं दिया है। श्रम मंत्री ने कहा कि जनवरी-2022 के आंकड़े के मुताबिक झारखंड में बेरोजगारी दर 8.9 फीसदी है। राज्य के नियोजनालयों में निबंधित शिक्षित बेरोजगारों को निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठान में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार मेला का आयोजन किया जाता है। 

श्रम मंत्री ने बताया रोजगार का आंकड़ा
श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में 13,667 और वर्ष 2020-21 में 2,504 युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया गया। 

युवाओं को छल रही हेमंत सरकार
माले विधायक विनोद सिंह ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर 17.3 फीसदी है। झारखंड देश का तीसरा सबसे बेरोजगार राज्य है। पिछले बजट सत्र में सरकार ने एलान किया था कि स्नातक बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा। अब तक इसका क्रियान्वयन नहीं किया गया है। विनोद सिंह ने सरकार पर युवाओं को छलने का आरोप लगाया।