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8 महीने में बने 19 विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट, झारखंड में फर्जीवाड़े का ये कैसा खेल

8 महीने में बने 19 विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट, झारखंड में फर्जीवाड़े का ये कैसा खेल

रांची/जमशेदपुर: 
झारखंड में फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय नागरिकता हासिल करने और पासपोर्ट बनवाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच राज्य से 19 विदेशी नागरिकों ने कथित तौर पर फर्जी कागजात के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया। पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान इन मामलों का खुलासा होने के बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने सभी 19 पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। इनमें सबसे अधिक नौ मामले जमशेदपुर के हैं। मामले की जानकारी संबंधित जिलों के डीसी, एसएसपी/एसपी और देश की सुरक्षा एजेंसियों को भी दी गई है। 

पासपोर्ट वेरिफिकेशन में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रांची में पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान इन 19 लोगों की नागरिकता संदिग्ध पायी गयी। जांच में सामने आया कि संबंधित लोगों ने भारतीय नागरिक होने का दावा करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। दोबारा जांच कराने पर दस्तावेजों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इसके बाद सभी पासपोर्ट को तत्काल प्रभाव से खारिज कर दिया गया। 

जमशेदपुर में सबसे ज्यादा नौ मामले
आठ महीने के दौरान सामने आए 19 मामलों में सबसे ज्यादा नौ लोग जमशेदपुर के हैं। इसके अलावा धनबाद के तीन, रांची और पश्चिमी सिंहभूम के दो-दो मामले सामने आए हैं। बोकारो, साहिबगंज और ओडिशा से जुड़े एक-एक व्यक्ति का भी नाम इस जांच में सामने आया है। पासपोर्ट कार्यालय ने सभी संबंधित मामलों की सूचना स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को दे दी है।

संबंधित जिलों के अधिकारियों को भेजी गयी सूचना
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने संदिग्ध नागरिकता वाले लोगों की जानकारी संबंधित जिलों के डीसी, एसएसपी या एसपी को उपलब्ध करायी है। साथ ही देश की सुरक्षा एजेंसियों को भी मामले से अवगत कराया गया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मनिता के अनुसार, जांच में यह सामने आया कि संबंधित लोगों ने गलत तरीके से पासपोर्ट बनवाया था। नागरिकता संदिग्ध पाए जाने के बाद सभी पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस स्तर पर प्राथमिकी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तीन अफगानी नागरिकों का मामला भी आया सामने
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब जमशेदपुर में तीन अफगानी नागरिकों के लंबे समय से रहने और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीनों करीब 26 वर्षों से जमशेदपुर में रह रहे थे। जांच के दौरान उनके भारतीय दस्तावेजों और नागरिकता को लेकर सवाल उठे हैं।

एक अफगानी नागरिक गिरफ्तार, दो आरोपी फरार
जमशेदपुर पुलिस ने अफगानी नागरिक मो. इब्राहिम को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उस पर गोलमुरी थाना क्षेत्र के टुइलाडुंगरी में कथित तौर पर गलत दस्तावेज तैयार कर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का आरोप है। इस मामले में मो. इब्राहिम के अलावा असिल खान और मो. असलम के खिलाफ गोलमुरी थाने में केस दर्ज किया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, तीनों ने कथित रूप से तथ्यों को छिपाकर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का प्रयास किया। मामले में दो आरोपी फिलहाल फरार हैं।

सुरक्षा एजेंसियां भी कर सकती हैं जांच
पासपोर्ट और नागरिकता से जुड़े मामलों में विदेशी नागरिकों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को गंभीरता से लिया जा रहा है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की ओर से संबंधित प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दिए जाने के बाद अब इन मामलों में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की संभावना है। संदिग्ध नागरिकता की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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