रांची
रांची पुलिस ने एक ऐसे संगठित निवेश घोटाले और डिजिटल फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जो राजधानी के एक होटल से संचालित हो रहा था। इस मामले में साइबर क्राइम थाना रांची ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का कनेक्शन चीन की संदिग्ध कंपनियों से जुड़ा पाया गया है, जो भारत में फर्जी निवेश योजनाओं और मोबाइल एप्स के जरिए आम लोगों को ठगने का काम कर रही थीं।
होटल से संचालित हो रहा था फ्रॉड नेटवर्क
जांच में सामने आया कि जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के ओल्ड एचबी रोड स्थित एक होटल से गिरोह एक संगठित साइबर ठगी का संचालन कर रहा था। इस नेटवर्क का इस्तेमाल निवेश घोटाले, डिजिटल ऐप धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों के लिए किया जा रहा था। गिरफ्तार एजेंट चीन की कंपनियों Moonpay, Dragonpay, Superpay और Mangopayindia के लिए कार्य कर रहे थे।

टेलीग्राम के जरिए ठगी
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 12 मोबाइल, 11 सिम कार्ड, 4 डेबिट कार्ड, 1 लैपटॉप और 1 चेकबुक जब्त की गई है। साथ ही व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट से करीब 60 फर्जी ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) की जानकारी मिली है, जिनका उपयोग अवैध धन हस्तांतरण के लिए किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, ठगी के इस नेटवर्क में शामिल एजेंट टेलीग्राम के जरिए एक .APK फाइल (एप्लिकेशन) डाउनलोड कराते थे, जिसे लोगों के मोबाइल में इंस्टॉल कराकर उनका बैंकिंग डेटा चुराया जाता था। यह एप्लिकेशन OTP और अलर्ट को भी चुपचाप सर्वर पर भेज देता था।

कई राज्यों में फैल चुका था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क देश के कई राज्यों में सक्रिय था। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज निवेश घोटाले और डिजिटल फ्रॉड से संबंधित शिकायतों की जांच में 60 म्यूल अकाउंट और करीब 68 करोड़ रुपये की फर्जी ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है।
गिरफ्तार आरोपी:
1. कुमार दीपक (उम्र 26), सीवान, बिहार
2. कुमार सौरभ (उम्र 27), नालंदा, बिहार
3. प्रभात कुमार (उम्र 26), सीवान, बिहार
4. लखन चौरसिया (उम्र 26), गढ़वा, झारखंड
5. शिवम कुमार (उम्र 30), नवादा, बिहार
6. प्रदीप कुमार (उम्र 30), पटना, बिहार
7. अनिल कुमार (उम्र 40), पटना, बिहार
सीआईडी, झारखंड ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध निवेश योजना, अज्ञात लिंक या मोबाइल एप्लिकेशन से दूर रहें। किसी भी साइबर अपराध की सूचना www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल दें।
