रांची:
बच्चों में कुपोषण और महिला सुरक्षा जैसे मसलों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रही हेमंत सरकार ने ने मगिसा. हासल विकास एंव सामाजिक सुरक्षा के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बजट में 5,742.32 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया है। बजट भाषण पढ़ते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सब निर्बल-निधन के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पेंशन प्राप्ति की पात्रता को सरल बनाया गया है। बजट में यूनिवर्सल पेंशन स्कीम का जिक्र किया गया है। ये सामाजिक सुरक्षा के लिए है।

पोषण तथा पोषाहार के लिए सरकार की योजना
राज्य में बच्चों का उचित पोषण हो। उनको बेहतर पोषण मिले, सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रयास किया है कि बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थित होकर पोषाहार और शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों की जानकारी हासिल करें। इसके लिए बच्चों को गर्म पोशाक वितरित करने की योजना भी लागू की जायेगी। इसमें तकरीबन 16 लाख बच्चों को लाभान्वित किया जाये सकेगा।
बच्चों को बेहतर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से अंडा वितरण का प्रस्ताव रखा गया है।

आंगनबाड़ी केंद्रों में लगेगा वाटर प्यूरीफायर
वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने बताया कि आगामी वित्त वर्ष में राज्य में आंगनबाड़ी केंद्र में पूरक पोषाहार पकाने तथा उसका वितरण करने हुए बर्तनों तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए जल शोधक यंत्र अथवा वाटर प्यूरीफायर आपूर्ति करने की योजना है।

ड्रॉपआउट लड़कियों का नये सिरे होगा दाखिला
डॉ. उरांव ने सदन में बताया कि विद्यालय के बाहर रह रहे 23 हजार किशोरियों और युवतियों का चयन शिक्षा प्राप्ति के लिए किया गया है। आगामी वित्त वर्ष में कम से कम 14 हजार किशोरियों एवं युवतियों का 8वीं से लेकर 10वीं तक में नामांकित करने का प्रस्ताव है।