पाकुड़
एक व्यक्ति खुद को सरकारी सेवक बताकर गांव के भोले-भाले ग्रामीणों को फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर चूना लगा रहा था। इसी कड़ी में रविवार को सदर प्रखंड के टोला गांव में फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाले व्यक्ति को ग्रामीणों ने धर-दबोचा और उसे घंटों बंधक बनाए रखा। मामले की सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी अरविंद कुमार बेदिया और मुफस्सिल थाना प्रभारी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने व्यक्ति की जमकर पिटाई भी की थी।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, पाकुड़ सदर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में एक व्यक्ति खुद को सरकारी सेवक बताकर गांव-गांव घुमा करता था। फिर भोले-भाले ग्रामीणों से आधार कार्ड, वोटर कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र के साथ-साथ जमीन के कागजात बनाने के लिए दस्तावेज लिया करता था। दस्तावेज बनाने के नाम पर 500 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक की वसूली किया करता था।
प्रमाणपत्र के नाम पर की थी अवैध वसूली
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले उक्त व्यक्ति ने पहाड़िया टोला के कई ग्रामीणों महिला और पुरुष से जाति एवं जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर आवश्यक दस्तावेज और मोटी रकम वसूल की थी। जब काफी समय बीतने के बाद भी ग्रामीणों को प्रमाण पत्र नहीं मिले, तो उन्होंने उस व्यक्ति से संपर्क किया। इस पर वह आनाकानी करने लगा और टालमटोल रवैया अपनाने लगा। ठगी का अहसास होने पर ग्रामीणों ने योजनाबद्ध तरीके से उसे अन्य लोगों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के बहाने दोबारा गांव बुलाया। जैसे ही वह गांव पहुंचा, आक्रोशित ग्रामीणों ने उसे बंधक बना लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी।
बैग से बरामद हुए फर्जी कागजात और मुहर
घटना की सूचना मिलते ही सदर अंचल के अंचल अधिकारी कुमार अरविंद वेदिया और मुफस्सिल थाना प्रभारी दलबल के साथ पहाड़िया टोला पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बंधक बनाए गए व्यक्ति को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया। जब पुलिस ने उस व्यक्ति के बैग की तलाशी ली, तो उसमें से भारी मात्रा में फर्जी कागजात और जन्म प्रमाण पत्र बरामद हुए। हैरानी की बात यह है कि इन फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों पर सदर अस्पताल की जाली मुहर भी लगी हुई थी, जो जांच में पूरी तरह फर्जी पाई गई।
नाम-पता छिपा रहा आरोपी, पुलिस जांच में जुटी
हिरासत में लिए जाने के बाद जब अधिकारियों ने उससे पूछताछ की, तो वह लगातार गुमराह करता रहा। उसने अधिकारियों को अपना नाम और पता भी सही नहीं बताया।
अंचल अधिकारी कुमार अरविंद वेदिया ने बताया
पकड़े गए व्यक्ति के पास से कई जाली जन्म प्रमाण पत्र मिले हैं, जिन पर सदर अस्पताल की फर्जी मुहर लगी है। आरोपी को हिरासत में लेकर मुफस्सिल थाने में सघन पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़ा गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जल्द ही पूरे रैकेट का खुलासा कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।