सन्नी शारद:
झारखंड में एक ओर JPSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच CID कर रही है और लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर JSSC से जुड़े नौकरी दिलाने के मामले में भी पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। अब तक इस मामले में पुलिस 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोप है कि ये लोग JSSC में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की मांग करते थे और चयन की गारंटी देते थे।

क्या है मामला?
कुछ दिन पहले सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र से सुशील कुमार नामक एक हवलदार को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। आरोप है कि वह JSSC के PGT सहायक आचार्य पद पर नौकरी दिलाने की गारंटी दे रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, ब्लैंक चेक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे।
सुशील कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की। जांच के दौरान अब तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, सुशील कुमार की गिरफ्तारी के बाद गिरिडीह निवासी अमित उर्फ आर्यन को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद गिरिडीह के ही रहने वाले अभिजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया। दोनों आपस में चचेरे भाई हैं और रांची में रह रहे थे। इसके बाद राजेश कुमार ने अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। वहीं, पांचवें आरोपी चंदन कुमार को रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

सुशील से पूछताछ के बाद हुईं गिरफ्तारियां
पुलिस के अनुसार, अन्य चारों आरोपियों तक पहुंच सुशील कुमार से पूछताछ के आधार पर हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से रुपये लेते थे और चयन की शत-प्रतिशत गारंटी का दावा करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई अहम साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार और किन लोगों से जुड़े हुए हैं तथा कितने अभ्यर्थियों को अपना शिकार बनाया गया।