द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने शराब की खुदरा दुकानें चलाने वाली कंपनी वेबेल टेक्नोलॉजी पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कंपनी की लगभग 5.49 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जब्त कर ली है। मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा बकाया राशि जमा नहीं करने पर विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद के निर्देश पर कार्रवाई की गई है।
कंपनी को ब्लैक लिस्ट में डालने का दिया निर्देश
जानकारी हो कि मंत्री ने बैंक गारंटी जब्त करने के साथ ही कंपनी को तत्काल काली सूची में डालने का भी निर्देश दिया है। है ताकि भविष्य में भी कंपनी को राज्य में कोई काम न मिल सके। योगेंद्र प्रसाद ने बैंक गारंटी जब्त होने के बावजूद बकाया राशि की भरपाई न होने पर, शेष राशि की वसूली के लिए वेबेल कंपनी के खिलाफ सर्टिफिकेट केस करने का निर्देश भी दे दिया है। 
क्यों हुई कंपनी पर कार्रवाई
इस दौरान बताया गया कि कंपनी पर विभाग का 15.24 करोड़ रुपए बकाया है। इस कारण कंपनी ने बैंक में जो 5.49 करोड़ रुपए गारंटी के रूप में जमा किए थे, उसे जब्त कर लिया गया है। हालांकि, बैंक गारंटी जब्त करने के बावजूद वेबेल कंपनी पर 9.75 करोड़ रुपए बकाया है। इस कारण मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने यह फैसला लिया है।
मंत्री ने पहले ही दी थी चेतावनी
मालूम हो कि झारखंड राज्य विबरेज कॉर्पोरेशन ने शराब की खुदरा दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी अलग-अलग मैनपावर एजेंसियों को सौंपी है। विबरेज कॉर्पोरेशन की ओर से इन सभी एजेंसियों को शराब की आपूर्ति की जाती है। इस दौरान एजेंसियों को शराब की बिक्री का पैसा नियमित रूप से बैंक में जमा करना होता है। ऐसे में कई एजेंसियों ने पैसे तो जमा कराए हैं, लेकिन पूरे नहीं। इस वजह से मंत्री ने बचे हुए बकाया राशि को जमा करने को लेकर कंपनी को पहले ही चेतावनी दी थी। इस पर कुछ एजेंसियां कोर्ट चली गई, जिससे उन्हें स्टे ऑर्डर मिल गया। लेकिन वेबेल कंपनी कोर्ट नहीं गई, इस कारण विभाग और मंत्री की ओर से उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
