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संसद में घुसपैंठ का असर : 5 IPS, 12 DSP और 1000 जवान करेंगे झारखंड विधानसभा की सुरक्षा

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रांची 

संसद में घुसपैंठ का असर झारखंड विधानसभा पर सीधे तौर से पड़ा है। विधानसभा की सुरक्षा के लिए 5 आइपीएस, 12 डीएसपी और 1000 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। विधानसभा की कार्यवाही देखने आने वाले आम शहरियों को कई स्तर पर जांच से गुजरना होगा। मैनुअली के साथ मेटल डिटेक्टर से भी जांच की जायेगी। रांची एसएसपी चंदन सिन्हा ने इस बाबत जानकारी दी है। कहा है कि विधानसभा भवन की सुरक्षा के लिए जैप, रैप, इको, आईआरबी, एसआईआरबी के साथ पुलिसकर्मी भी शामिल रहेंगे। इसके अलावे हथियारबंद जवानों के साथ विधानसभा परिसर में डंडा पार्टी को भी बहाल किया जायेगा। एसएसपी ने कहा कि विधानसभा की सुरक्षा के लिए भवन का निरीक्षण किया गया है। इसके बाद सुरक्षा के विशेष उपाय किये गये हैं।  

अनाधिकृत प्रवेश पर लगेगी पाबंदी  
इस बाबत विधानसभा अध्यक्ष महतो का भी बयान आ चुका है। महतो ने आज सुबह कहा कि विधानसभा में किसी तरह का अनाधिकृत प्रेवश अब नहीं हो सकेगा। पूरे भवन को सुरक्षा घेरे में कैसे लिया जाये, इस पर चर्ची की जा रही है।  कहा कि इसके लिए जल्दी ही विधानसभा सचिवालय को भी निर्देश जारी किया जायेगा। महतो ने कहा कि वे इस संबंध में अपने स्तर से बैठक करेंगे। इसमें राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में विधानसभा के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी। 

सुरक्षा के लिए और भी बदलाव होंगे 

गौरतलब है कि संसद में घुसपैंठ के बाद झारखंड विधानसभा की सुरक्षा की समीक्षा हो रही है। विधानसभा के सुरक्षा घेरे को और मजबूत किया जायेगा। आम आदमी की इंट्री के नियमों में बदलाव होगा। जल्दी ही सुरक्षा नियमों को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये जायेंगे। इस बाबत झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्र महतो ने जानकारी दी है। कहा कि संसद में तमाम तरह की सतर्कताओं के बावजूद घुसपैंठ हो जाना मामूली बात नहीं है। दो युवकों का संसद में आपत्तिजनक सामग्री के साथ प्रवेश कर जाना, कहीं न कहीं से हमारी सुरक्षा चूक को दर्शाता है। झारखंड विधानसभा के दर्शक दीर्घा में में प्रवेश के नियमों का अवलोकन होगा और हम इसमें जरूरी बदलाव करेंगे।